घरेलू गोल्ड काउंसिल बनाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली। देश में सोना और ज्वैलरी उद्योग को प्रोत्साहन देने और निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार घरेलू गोल्ड काउंसिल बनाने पर काम कर रही है। वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में भारत सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और प्रमुख आयातक है।स्वर्णाभूषणों का निर्यात बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में असीम अवसर मौजूद हैं। प्रभु ने एक गोल्ड ज्वेलरी एक्जिबिशन में कहा कि सोने की कारीगरी में बड़ी संख्या में लोग लगे हैं। इसलिए हमने घरेलू गोल्ड काउंसिल बनाने का फैसला किया है। इस काउंसिल में कारीगर, कारोबारी, उत्पादक और रिफाइनर्स सहित सभी पक्षों का प्रतिनिधित्व रहेगा।काउंसिल सोना और आभूषण उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा। सोने पर 10 फीसद आयात शुल्क में कटौती करने की उद्योग की मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि सोने का आयात बढऩे से देश का चालू खाता घाटा बढ़ता है, फिर भी सरकार दोनों के बीच संतुलन कायम रखने की कोशिश करती है।वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की मांग पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले दस फीसद बढ़कर 183.2 टन हो गई। हालांकि काउंसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नकदी की कमी और मूल्य बढऩे की वजह से इस साल दिवाली व धनतेरस पर सोने की मांग सुस्त रहने का अनुमान है। विदेशों में मजबूत रुझान और देश में त्योहारी मांग पूरी करने के लिए ज्वैलर्स की ओर से लिवाली बढऩे से गुरुवार को सराफा बाजार में सोना 130 रुपये महंगा होकर 32,780 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। हालांकि चांदी में नरमी कायम रही। औद्योगिक इकाइयों की ओर से लिवाली घटने से चांदी की कीमत 90 रुपये घटकर 39,110 रुपये प्रति किलो हो गई।

 

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