इंजन ने डिब्बों में टक्कर मारी,बड़ी संख्या में यात्री घायल

हनुमानगढ़ के नजदीक हुआ रेल हादसा

श्रीगंगानगर, 14 सितम्बर (का.सं.)। हनुमानगढ़ से श्रीगंगानगर आ रही सवारी रेलगाड़ी का एक इंजन तीन बार डिब्बों से अलग हो गया। दूसरी बार अलग हुए इंजन को लोको पायलट बैक करके जोडऩे जा रहा था,इंजन की रफ्तार अत्यधिक होने के कारण उसकी डिब्बों से टक्कर हो गई, जिससे अनेक यात्री घायल हो गए। ज्यादा घायल हुए छह यात्रियों को हनुमानगढ टाउन के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगभग दो दर्जन घायलों को अपातकाल सेवा 108 की एंबुलेंस ने मौके पर ही उपचार देकर राहत पहुंचाई। इसके अलावा भी अनेक यात्रियों के मामूली चोटें आई हैं। रेलवे ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ रेल सेक्शन पर 1 महीने में यह तीसरी घटना है। पूर्व की घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ था। इस हादसे के बाद इस रेलगाड़ी को रद्द कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह रेलगाड़ी सुबह 8 बजे हनुमानगढ़ जंक्शन से श्रीगंगानगर को रवाना हुई। रवाना होने के दो किलोमीटर बाद खालसा स्कूल के पास इसका इंजन अलग हो गया। चालक को तुरंत पता चल गया। वह इंजन को वापस लाया और डिब्बों को जोड़कर रवाना हो गया। पांच किलोमीटर बाद जोड़कियां गांव के नजदीक फिर इंजन अलग हो गया। इस बार चालक को लगभग 2 किलोमीटर आगे निकल जाने पर पता चला। चालक इंजन को वापस लेकर आया लेकिन इस बार उसे अंदाजा नहीं रहा कि पीछे डिब्बे कितनी दूरी पर है। इंजन की रफ्तार काफी अधिक थी। इंजन पूरी रफ्तार से डिब्बों में टकराया, जिससे अनेक यात्री उछल पड़े। यात्री एक दूसरे के ऊपर गिरे और घायल हो गए। इसके अलावा कुछ यात्री डिब्बों के गेट पर खड़े थे जो झटका लगने से बाहर आ गिरे। अचानक लगे झटके से यात्री सहम गए। घायल हुए यात्रियों में चीत्कार मच गया। ज्यादातर घायल हुए यात्री इंजन के पीछे वाले दो डिब्बों के हैं। अन्य यात्रियों के भी मामूली चोटें आई। प्रात: करीब 8.15 बजे हुए इस हादसे की जानकारी मिलते ही हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय से अपातकाल सेवा 108 की एंबुलेंस को रवाना कर दिया गया। हनुमानगढ़ से ही रेलवे के अधिकारी जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। ज्यादा घायल हुए यात्रियों को हनुमानगढ़ टाउन सिविल अस्पताल पहुंचाया। टाउन हॉस्पिटल में कोई दो दर्जन यात्री लाए गए, इनमें अधिकांश को मामूली चोट लगी थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। जीआरपी थाना हनुमानगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्यादा घायल हुए छह यात्रियों में हनुमानगढ़ टाउन के वार्ड नंबर 35 में भटनेर दुर्ग के पास गली नंबर 2 निवासी जसवीर सिंह व पूना सिंह,वार्ड नंबर 9 में सेक्टर नंबर 12 निवासी हरीश कपिल पुत्र दर्शन कपिल तथा वार्ड नंबर 4 में नई खुंजा निवासी प्रेम कुमार पुत्र पोकरराम शामिल हैं। इधर, श्रीगंगानगर पुलिस के अनुसार इस हादसे में घायल हुई नियानीदेवी पत्नी प्रकाश निवासी वार्ड नं. 8, राजपाल पुत्र रामपाल निवासी चक 5 जीडीआर, टिब्बी और सुखदेव पुत्र ओमप्रकाश निवासी वार्ड नं. 18 श्रीगंगानगर को यहां के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। चालक ने माफी मांगी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब यह हादसा हुआ रेलगाड़ी का ड्राइवर चालक बुरी तरह घबरा गया। उसे कुछ आक्रोशित यात्रियों ने जबरदस्ती इंजन से नीचे उतारा। चालक नीचे आते ही माफी मांगने लगगया। उसने हाथ जोड़े और कहा कि उसके साथ कुछ मत कीजिएगा। उसके भी छोटे-छोटे बच्चे हैं। कई समझदार यात्रियों ने आक्रोशित यात्रियों को समझाया कि इसमें चालक की गलती नहीं है। उसके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया जाए। इस बीच वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। काफी देर तक इस हादसे को लेकर यात्री मौके पर ही आक्रोश जताते रहे। उन्होंने वहां आए रेलवे अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई कि सवारी रेलगाडयि़ों का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा। जिसकी वजह से आज अनेक यात्री मरने से बाल बाल बच गए। चालक को नहीं हुआ अंदाजा एक यात्री रमेश कुमार ने बताया कि इंजन इतनी जोर से टकराया डिब्बा उछल पड़ा था। गनीमत रही कि रेलगाड़ी के डिब्बे पटरी से नहीं उतरे और पलटे नहीं, अन्यथा भारी जान माल का नुकसान होता। घायल होने वाले यात्रियों में अनेक बच्चे और महिलाएं भी हैं। आक्रोशित यात्रियों ने रेल पटरी पर पत्थर डाल दिया और मांगकरने लगे कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती वह गाड़ी को आगे नहीं जाने देंगे। लगभग2 घंटे तक गाड़ी वहीं रुकी रही। रेलवे और पुलिस के अधिकारी समझाईश करते रहे कि पूरी घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस बीच वहां पहुंची कोटा जयपुर श्रीगंगानगर स्पेशल हॉलीडे एक्सप्रेस रेलगाड़ी से यात्रियों को श्री गंगानगर के लिए रवाना किया गया। धोलीपाल में की गई मरम्मत जानकारी के अनुसार इसके कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हुई गाड़ी को श्रीगंगानगर कर दिया गया, लेकिन कुछ ही दूरी पर हिरनावाली गांव के पास फिर से इंजन अलगहो गए। इन्हें फिर से जोड़ा गया और आगे धोलीपाल रेलवे स्टेशन पर इस गाड़ी को रोक दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने इस गाड़ी को रद्द कर दिया। साथ ही हनुमानगढ़ से तकनीकी स्टाफ को धोलीपाल भेजा जो जांच कर सके कि ऐसा बार-बार क्यों हो रहा है? इधर श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी को रद्द कर दिए जाने की घोषणा कर दी गई। रेलवे का तकनीकी स्टाफ जहां इंजन को जोडऩे वाले कनेक्टिंगपॉइंट कपलिंक की मरम्मत की। एक महीने मेें तीसरी बार ऐसा हुआ श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ जिले में बीते 1 महीने के दौरान इस तरह डिब्बे के अलगहो जाने की यह तीसरी घटना है। एक महीना पहले इसी रेल गाड़ी के साथ तीन बार हादसा हुआ था। पहले सादुलशहर हनुमानगढ़ के बीच डिब्बे इंजन से अलगहो गए। इसके बाद सादुलशहर श्रीगंगानगर के बीच डिब्बे अलगहो गए। श्रीगंगानगर में मरम्मत के बाद ट्रेन आगे श्रीकरणपुर को रवाना हुई तो एक बार फिर डिब्बों से इंजन का कनेक्शन टूट गया। इसी तरह लगभग20 दिन पहले हनुमानगढ़ जिले में भादरा राजगढ़ के बीच भी एक सवारी रेलगाड़ी का इंजन डिब्बे छोड़ कर आगे निकल गया था। इस तरह बीते 1 महीने के दौरान तीन बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।इन घटनाओं से रेलवे के मेंटेनेंस व तकनीकी स्टाफ पर उंगलियां उठा रही हैं। सवारी रेल गाडयि़ों के रैक की मेंटेनेंस व रिपेयरिंगका जिम्मा तकनीकी स्टाफ का होता है। हर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गाड़ी जब 10- 15 मिनट के लिए रूकती है तो यही स्टाफ उसे पूरी तरह से चैक करके ओके करता है। इसके बाद ही चालक उसे लेकर रवाना होता है। इन घटनाओं से लगरहा है कि हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर तकनीकी स्टाफ लापरवाही कर रहा है। जानकारी के अनुसार बीकानेर रेलवे डिवीजन के उच्च अधिकारी इन सभी हादसों की जांच करेंगे।

 

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