वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

 

नई दिल्ली, 16 अप्रैल(एजेन्सी)। एक पेशे के तौर पर डिज़ाइन उन शीर्ष पेशों में से एक रहेगा जिनकी मांग रहेगी। इससे कंज्यूमर ड्यूरेबल, एफएमसीजी, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, गेमिंग, मीडिया व मनोरंजन सहित विभिन्न क्षेत्रों में डिज़ाइनरों की मांग बढने जा रही है। रचनात्मक क्षेत्र में शिक्षा के लिए समर्पित भारत की पहली और एकमात्र युनिवर्सिटी वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन (डब्ल्यूयूडी) ने स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए 2019-20 सत्र हेतु प्रवेश लेने की घोषणा की है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश एक डिज़ाइन एप्टीट्यूड टेस्ट (डीएटी), आर्ट एप्टीट्यूड टेस्ट (एएटी) और ग्रैजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (जीएटी) और इसके बाद पर्सनल इंटरव्यू के जरिये लिया जाएगा जिसका विवरण ऑनलाइन उपलब्ध है। 21 अप्रैल को होने जा रही प्रवेश परीक्षाओं के लिए सही -ढंग से भरे गए फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। डब्ल्यूयूडी में चलाए जाने वाले अध्ययन कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए युनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि आज लगभग सभी उद्योगों में मांग बढने के साथ रचनात्मक क्षेत्र में करियर के अवसर कई गुना बढा हैं। डब्ल्यूयूडी में हम डिज़ाइन की एक मजबूत नीव डालने और विद्यार्थियों को एक गंभीर चिंतक के तौर पर और कल आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए तैयार करते हैं। इसके लिए उन्हें रुचिपूर्ण एवं विविधता से भरी शिक्षा का दृष्टिकोण प्रदान किया जाता है। जैसा कि वैश्विक औद्योगिक डिज़ाइन का बाजार 2024 तक 59,000 मिलियन डॉलर पहुंचने की संभावना है, हमें भविष्य में कुशल डिज़ाइनरों के लिए भारी मांग दिखती है। दूसरा क्षेत्र जहां जबरदस्त संभावना है, वह है भारत का वाहन एवं विनिर्माण उद्योग। डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि डब्ल्यूयूडी को डिज़ाइन एवं नवप्रवर्तन में क्षमता निर्माण के लिए प्रतिष्ठित एरासमस प्लस अनुदान प्रदान किया गया है जो हमारे विद्यार्थियों की डिज़ाइन क्षमताओं को पोषित करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

 

 

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