‘एक्सप्लोरिंग बर्ड्स इन बांसवाडा कार्यक्रम

बांसवाड़ा, 11 फरवरी (एजेन्सी)। जिले की समृद्ध नैसर्गिक संपदा से जन-जन को रूबरू करवाने के उद्देश्य से जिला पर्यटन उन्नयन समिति एवं परिंदों व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत वागड नेचर क्लब के तत्वावधान में आयोजित हो रहे ‘एक्सप्लोरिंग बर्ड्स इन बांसवाडा कार्यक्रम के तहत सोमवार को उदयपुर से पहुंचे बर्ड एक्सपर्ट ने कूपडा तालाब पर छोटी किंतु दुर्लभ व शर्मिली चिडिया क्लेमोरस रीड वार्बलर को देखा। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य और बर्ड एक्सपर्ट डॉ. विजय कोली व रिसर्च स्कॉलर उत्कर्ष प्रजापति के नेतृत्व में पहुंचे दल को जनसंपर्क उपनिदेशक व वागड नेचर क्लब के कमलेश शर्मा ने कूपडा तालाब पर बर्डवॉचिंग करवाई। दल सदस्यों ने यहां पर दुर्लभ प्रजाति की क्लेमोरस रीड वार्बलर को देखा तथा इसकी यहां पर उपस्थिति पर उत्साहित हुए। डॉ. कोली ने बताया कि तेज आवाज में चिल्लाने वाली इस छोटी चिडिया का आकार मात्र 18 से 20 सेमी होता है। उन्होंने बताया कि यह विशेष प्रकार की लंबी घास व झाडियों के बीच में ही रहती है। इस दौरान दल उत्कर्ष प्रजाति ने यहां पर प्रवासी पक्षी कॉमन, टफटेड पोचार्ड, पिनटेल, नॉदर्न शॉवलर, यूरेशियन राईनेक, ग्रे हेडेड कैनेरी फ्लाईकैचर को देखकर खुशी जताई। तालाब पर बडी संख्या में कॉमन कूट्स, पॉट बिल डक्स, ग्रीब्स, विसलिंग टील, ग्रे हेडेड स्वॉम्पहेन, परपल हेरोन, इण्डियन रोलर, कॉमन क्रेस्टल, टैगा फ्लाईकैचर, ग्रे हॉर्नबिल, कॉपरस्मीथ बारबेट, ओरियेन्टल मेकपाई रॉबिन, सिल्वर बिल, व्हाईट ब्रेस्टेड किंगफिशर और अन्य 50 से अधिक प्रजातियों के स्थानीय पक्षियों को देखा और इनके बारे में जानकारियां संकलित की।

 

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