चुनाव से पूर्व फेसबुक ने वोटर्स को सशक्त बनाया

 

जयपुर। भारत के सबसे बड़े राज्य, राजस्थान में आगामी चुनावों के दौरान इंटरनेट का पहली बार उपयोग कर रहे अनेक यूजऱ वोट देने के लिए जाएंगे। फेसबुक ने अपने प्रयास तेज किए हैं, नए टूल व टीमें तैनात की हैं, जो चुनावों को सुरक्षित करने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर चौबीस घंटे काम कर रहे हैं।फेसबुक के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर, भारत एवं दक्षिण एशिया, शिवनाथ ठुकराल ने कहा, ”फेसबुक के पास दुनिया में प्रजातंत्र के लिए सकारात्मक शक्ति बनने की अपार क्षमता है। फेसबुक हर उम्र व राजनैतिक विष्वास वाले लोगों को आवाज़ देता है, यह बहस एवं विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां चुनाव हो रहे हैं। इसलिए हमने भ्रामक जानकारी से लडऩे के लिए अपनी कार्ययोजना में पूरा निवेश किया है और इस बात का पूरा प्रयास कर रहे हैं कि चुनाव के लिए सुरक्षित प्रक्रिया का पालन हो।उन्होंने आगे कहा, ”हमारा काम चुनावों में होने वाली अभद्रता से लड़ाई तक ही सीमित नहीं। हमारी टीमें सकारात्मक नागरिक अनुबंर्ध का विकास कर रही हैं। चुनाव के दिन से पूर्व हम पॉलिंग डे रिमाईंडर द्वारा समुदाय को सेवाएं देते हैं, जो उनकी न्यूजफ़ीड में सबसे ऊपर दिखाई देता है।फेसबुक ने झूठी खबरों से निपटने के लिए अपने फैक्ट चेकिंग कार्यक्रम का विस्तार किया है और 22 देशों में फैक्ट चेकिंग पार्टनर्स के साथ साझेदारी की है। यह चुनाव से पूर्व नागरिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है और अविश्वसनीय व्यवहार को पहचानने के लिए इसने इंजीनियरिंग में काफी संशोधन किए हैं।फेसबुक के पास 30,000 लोग हैं, जो पूरी दुनिया में कंटेंट की समीक्षा करते हैं और 16 भारतीय भाषाओं सहित 50 से अधिक भाषाओं में हर टाईमज़ोन में काम करते हैं। भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक में चुनाव के दौरान फेसबुक की टीम्स मुख्यत: सुरक्षा एवं सिक्योरिटी पर केंद्रित हैं, जिनमें चुनावों में हस्तक्षेप, हमारे समुदाय को अभद्र भाषा से बचाने, लोगों को उनकी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण देना षामिल है। बेहतर कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीन लर्निंग के द्वारा सामंजस्यपूर्ण अविष्वसनीय व्यवहार वाले हजारों पेज, ग्रुप एवं अकाउंट हटा दिए गए हैं।कंपनी में चुनाव विशेषज्ञ तीव्र निर्णय लेने के लिए काम करते हैं और सिस्टम द्वारा पहचाने गए किसी भी खतरे पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हैं। उच्च तकनीक उपकरण एवं पार कार्यात्मक टीम्स को मिलाकर बनी यह टीम दुनिया में चुनावों के दौरान किसी भी खतरे पर तत्काल प्रतिक्रिया देने में सहायता करती है।
फेसबुक राज्य एवं देश में सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम करता है। 850$ राजनीतिज्ञों के साथ राजनेता और राजनैतिक दलों के लिए ‘फेसबुक साईबर सिक्योरिटी गाईड साझा की गई है। यह ट्रेनिंग गाईड सिक्योरिटी के सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों पर केंद्रण के साथ अभ्यर्थियों और राजनैतिक दलों को उनकी इच्छा से प्लेटफॉर्म एवं उपकरण को समझने में मदद करती है।फेसबुक भारत में समाचारों की जागरुकता बढ़ाने के लिए सहकारिता और भ्रामक जानकारी से लडऩे के लिए चुनावों में इंटीग्रिटी के प्रयासों के लिए इस विस्तृत दृष्टिकोण को मजबूत करेगा तथा ज्यादा समझदार समाज के निर्माण के लिए स्थानीय भाषाओं, सहभागी न्यूज़रूम्स, जर्नलिस्ट एवं फैक्ट चेकर्स तक इसका प्रसार करेगा।प्लेटफॉर्म पर भ्रामक जानकारी की जाँच करने के तहत फेसबुक स्वतंत्र फैक्ट चेकर्स के साथ साझेदारी में टूल के रूप में थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग का उपयोग करता है। फेसबुक भारत में फैक्ट-चेकिंग पार्टनर्स के अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। भ्रामक जानकारी के प्रसार से लडऩे की अपनी प्रतिबद्धता मजबूत करते हुए और लोगों को ऑनलाईन मिलने वाली खबरों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भारत में फेसबुक ने हिंदी, बंगाली और इंग्लिश में बूम लाईव एवं हाल ही में एजेंसे फ्रांस प्रेसे (एएफपी) के साथ साझेदारी की है।

 

 

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