किसान संगठनों ने बनाई नई रणनीति अब गांवों में ही रोकी जायेगी फल-सब्जी व दूध की आपूर्ति

श्रीगंगानगर, 6 जून (का.सं.)। राष्ट्रीय महासंघ की कोर कमेटी द्वारा लिये गये निर्णय के तहत बुधवार को गंगानगर किसान समिति, गंगानगर किसान संघर्ष समिति तथा अन्य किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की गुरुद्वारा सिह सभा में बैठक हुई। इसमें कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संतोष सहारण, पूर्व सभापति जगदीश राय जांदू और पूर्व जिलाध्यक्ष पृथीपाल सिंह संधू आदि भी शामिल हुए। इस बैठक में फल-सब्जी और दूध की आपूर्ति को गांव में ही रोक देने की रणनीति बनाई गई, जिस पर बैठक के तुरंत बाद ही अमल कर दिया गया। किसान नेताओं ने पूरे जिले में गांवों की नाकाबंदी के लिए नेताओं, सक्रिय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की टीमें बनाकर उन्हें अलग-अलग क्षेत्र का दायित्व सौंप दिया गया। गंगानगर किसान समिति के प्रवक्ता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने बताया कि आज रात से पूरे जिले के गांवों में यह नाकाबंदी प्रभावी तरीके से लागू कर दी जायेगी। कल गुरुवार सुबह गांवों से शहरों में फल-सब्जी और दूध की सप्लाई नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने बताया कि एक ही मार्ग पर पडऩे वाले गांवों व ढाणियों के लिए एक-एक टीम नाकाबंदी के लिए तैनात रहेगी। पूरे जिले में इसी तरह से ग्रामबंदी आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांवों की नाकाबंदी की जायेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद से शहरी क्षेत्र से नाके हटा लिये गये हैं। अब शहरों मेें किसान आंदोलनकारी नाके नहीं लगायेंगे, बल्कि उन्हें गांवों में लगा दिया गया है। गांवों में यह नाकाबंदी इसलिए की गई है, ताकि फल-सब्जी और दूध की सप्लाई गांव से बाहर जा ही नहीं सके। अब शहरी लोगों को यह वस्तुएं खरीदने के लिए अपने निकटतम गांवों में जाना होगा। प्रवक्ता ने कहा कि गांवों से यह वस्तुएं खरीदकर लाने वालों को रास्ते में कहीं नहीं रोका जायेगा। श्रीगंगानगर शहर के साथ लगते गांवों के बाहर किसान अपनी स्टॉलें लगाकर फल-सब्जियां व दूध बेचेंगे। उन्होंने बताया कि दूध की कईं डेयरियंा श्रीगंगानगर शहर के अंदर ही है। इनमें कईं डेयरियों के संचालक खुद किसान ही हैं। इसके अलावा एक समुदाय विशेष के लोग भी शहर के अंदर ही काफी संख्या में गायों को पालते हैं और उनका दूध बेचते हैं। इस समुदाय विशेष के लोगों पर पूरी नजर रखी जा रही है कि वे शहर के अंदर दूध सप्लाई न कर सकें। इन लोगों को भी समझाया जा रहा है कि वे अपनी डेयरी पर ही या ढाणी में ही दूध बेचें। अगर वहां कोई लेने आता है। प्रवक्ता ने बताया कि गांवों में यह नाकाबंदी 10 जून तक जारी रहेगी। लगभग 65 किसान संगठनों के राष्ट्रीय महासंघ ने चार सूत्री मांगों के समर्थन में एक से दस जून तक ग्रामबंद आंदोलन का ऐलान किया हुआ है। आंदोलन के अन्तिम दिन 10 जून को दोपहर 2 बजे तक भारत बंद का आह्वान भी किया है। उस दिन रविवार भी है। किसान संगठनों ने बदली हुई रणनीति के तहत अब तीन दिन तक पूर्णत: गांवों की नाकाबंदी कर शहरी क्षेत्र के लिए इन जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को ठप करने का निर्णय किया है। इसे सफल बनाने के लिए वे पूरा जोर लगाये हुए हैं। गुरुद्वारा सिंह सभा में हुई बैठक में गंगानगर किसान समिति के गुरचरण सिंह खोसा, हरजिन्द्र मान, गुरदीप सिंह, मंगासिंह, सुखचरण सिंह व मनिन्द्र सिंह, किसान संघर्ष समिति के अमरसिंह आदि शामिल हुए।

 

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