त्योहार के दौरान अपनाएं ये टिप्स, नहीं बिगड़ेगा बजट

भारतीय सभ्यता में त्योहारों का विशेष महत्व है। हम सभी यह मानते हैं कि त्योहार से जुड़ी परपंराओं का पालन करने से घर में धन व सुख-समृद्घि आती है। पर, इन त्योहारों के साथ आते है ढेरों खर्चे भी। त्योहारों के अवसर पर बाजार तथा मॉल व अन्य शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तमाम तरह के आकर्षक सेल व ऑफर से भर जाते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए ई-रिटेलर भी भारी छूट देकर ग्राहकों को लुभाने के लिए सभी प्रकार की डिजिटल मार्केटिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं, जब आप दुनिया-जहान की खबर जानने के लिए अखबार के पन्ने पलटती हैं तो सबसे पहले कवर पेज पर कई प्रकार के आकर्षक ऑफर देखने को मिलते हैं। इन सब के बीच अक्सर हम खुद को रोक नहीं पाते और बिना जरूरत के कई सामान खरीद बैठते हैं। हमने कितनी फिजूलखर्ची कर डाली इस बात का अहसास तब होता है, जब त्योहारों का मौसम बीत जाता है। आइये जानते हैं कि किस प्रकार आप इस साल त्योहारों के मौसम में सुनियोजित तरीके से अपने खर्चे को मैनेज कर सकती हैं, ताकि बाद में आपको अपने किसी भी निर्णय पर पछताना न पड़े।
क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से बचें
सुजाता उप्पल, फाइनेंस मैनेजर, एच आर ट्रेडर्स बताती हैं कि जब भी कोई खर्च करें तो कैश या डेबिट कार्ड के द्वारा बिल का भुगतान करें, क्योंकि जब आपकी जमा-पूंजी में से खर्चा होता है तो दिमाग पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। जबकि क्रेडिट कार्ड में आपको बची हुई लिमिट की जानकारी दी जाती है और इस वजह से सारा ध्यान खर्चे पर न जाकर बची हुई राशि की सीमा पर जाता है। इस वजह से अक्सर क्रेडिट कार्ड के द्वारा जरूरत से ज्यादा खर्च हो जाता है। ऐसे में यदि आप इस्तेमाल की गई राशि का भुगतान समय पर नहीं करती हैं और न्यूनतम राशि चुकाती हैं तो उस पर ब्याज बढ़ता ही जाता है। धीरे-धीरे व्यक्ति कर्ज के जाल में फंसता चला जाता है।
बोनस का करें सही इस्तेमाल
त्योहार के मौसम में अकसर कामकाजी लोगों को ऑफिस से बोनस मिलता है। बोनस के इस पैसे का इस्तेमाल शॉपिंग या किसी भी तरह की फिजूलखर्ची में करने की जगह कहीं निवेश करने या फिर अपने कर्ज आदि के भुगतान के लिए करें। त्योहार के मौसम में यदि आपका कोई कर्ज खत्म हो जाता है तो इससे बेहतर उपहार आप अपने आपको नहीं दे सकतीं।
भविष्य के लिए करें निवेश
त्योहार में बेकार के खर्च करने की बजाय समझदारी इसमें है कि आप भविष्य को ध्यान में रखते हुए निवेश करें। यदि आपको अपना घर या अपनी गाड़ी खरीदनी है तो उसी के अनुरूप पैसे का निवेश करें। इसके लिए आप बीमा या आपातकालीन फंड में निवेश कर सकती हैं। इस निवेश का फायदा आपको अभी भले ही न हो, पर कुछ साल बाद जरूर होगा। अगर ऑफिस से बोनस अच्छा-खासा मिल रहा है तो उसे दो भागों में बांट लें और फिर निवेश करें। बोनस के एक हिस्से का निवेश आप आपातकालीन फंड में कर सकती हैं और दूसरे हिस्से का निवेश बीमा आदि में कर सकती हैं।
आम सहमति से तय करें बजट
होम मेकर, मीनाक्षी सिंघल बताती हैं कि चूंकि त्योहारों में फिजूलखर्ची अधिक हो जाती है , इसलिए इससे बचने के लिए परिवार के साथ बैठकर जरूरी सामान की सूची बनाएं और एक बजट निर्धारित करें। इस लिस्ट में परिवार के हर सदस्य की जरूरतों को शामिल करें। साथ मिलकर यह तय करें कि किस काम को प्राथमिकता दी जाए और उसी के अनुरूप खर्चों की योजना बनाएं।
शॉपिंग करें ऑफ सीजन
त्योहारों में सबसे अधिक खर्च कपड़े, गहने, फर्नीचर आदि की शॉपिंग में होता है और यह लिस्ट बढ़ती ही जाती है। इस खर्च से बचने के लिए ऑफ सीजन शॉपिंग करें। जैसे इस साल दिवाली अक्तूबर में है तो उसके लिए सभी जरूरी शॉपिंग अभी सितंबर में ही कर लें। पारंपरिक परिधान यदि ऑफ सीजन में खरीदे जाएं तो काफी सस्ते मिलते हैं। इसी तरह घर के पास वाले बाजार से खरीदारी करने की जगह होलसेल मार्केट से खरीदारी करें। कम कीमत में अच्छी चीजें खरीद पाएंगी।
अपनाएं पारंपरिक तरीके
जरूरी नहीं कि हर त्योहार पर नया व डिजाइनर ड्रेस ही खरीदा जाए। आप पारंपरिक तरीकों को अपनाकर भी बेहद स्टाइलिश व खूबसूरत दिख सकती हैं। अपने लिए नई डे्रस खरीदने की जगह आप अपनी मां की कांजीवरम या सिल्क साड़ी को भी त्योहार के मौके पर पहन सकती हैं। ऐसे ही यह जरूरी नहीं है कि बाजार से महंगे सामान खरीद कर ही घर की खूबसूरती बढ़ाई जा सकती है। आप अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करके भी अपने घर को सजा सकती हैं। घर में उपलब्ध वस्तुओं को नए तरीके से इस्तेमाल करके घर की खूबसूरती निखारें। पुरानी खूबसूरत साडिय़ों का इस्तेमाल पर्दे व कुशन कवर आदि के रूप में करें। अपनी चूडिय़ों से कोई सजावटी सामान बना लें। इस काम में बच्चों की भी मदद लें। घर में बेकार पड़े मटके या गमले को पेंट करें, उस पर छोटे-छोटे शीशे लगाकर एक सुंदर-सा डेकोरेशन पीस तैयार कर सकती हैं।
एडवांस र्बुंकग का उठाएं लाभ
हमारे यहां त्योहार के मौके पर नया सामान खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में अधिकांश लोग सोना, कोई नयी कार, फर्नीचर या गैजेट खरीदना पसंद करते हैं। त्योहार के मौसम में इन सामानों की मांग अधिक होने के कारण इनकी कीमत में भी इजाफा हो जाता है। ऐसे में आप अपने सामान की एडवांस बुकिंग कम कीमत में करवाकर उसकी डिलीवरी त्योहार वाले दिन ले सकती हैं।
मिठाई व गिफ्ट का विकल्प
त्योहारों में दोस्तों व सगे-संबंधियों को मिठाई व गिफ्ट देना एक परंपरा है, जिसमें हमारे बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च होता है। यहां पैसे बचाना चाहती हैं और आपकी कुकिंग भी अच्छी है तो घर पर ही मिठाई, केक या कुकीज बनाकर दोस्तों को उपहार में दें। इसके दो फायदे हैं, एक तो बाजार की मिलावटी मिठाई से सेहत को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है और दूसरा पैसे की भी बचत होगी। वहीं उपहार के लिए आप अपने क्रेडिट व डेबिट कार्ड के साल भर के इक_े हुए पॉइंट्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। ऑनलाइन भी कम कीमत में अच्छे उपहार खरीद सकती हैं।

 

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