पांच दिवसीय इंटरनेशनल स्प्रिचुअल रिट्रीट का हुआ समापन

 

जयपुर, 2 दिसम्बर (का.सं.)। गोल्डन लीफ फाउण्डेशन की ओर से बनीपार्क स्थित होटल पार्क इन में आयोजित किए गए इंटरनेशनल स्प्रिचुअल रिट्रीट का समापन हुआ। इस पांच दिवसीय इंटरनेशनल स्प्रिचुअल रिट्रीट में सुप्रसिद्ध कुंडलिनी जागरण विशेषज्ञ मास्टर रे चन्द्रन ने प्रतिभागियों को कुण्डलिनी, शक्तिपथ, एडवान्स कुण्डलिनी क्रियाओं के माध्यम से अभ्यास करवाया तथा उन्हें मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य के तौर-तरीके बताए। गोल्डन लीफ फाउण्डेशन की फाउण्डर दीप्ती गैरोला ने बताया कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार हुए इस प्रकार के अनूठे कार्यक्रम में यूएस, यूके, कनाडा, चाइना, सिंगापुर, वियतनाम, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया सहित 15 देशों के 140 सदस्यों ने सम्मिलित होकर अपने शरीर के एनर्जी ब्लॉक्स को जीवंत किया तथा स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन की अवधारणा को महसूस किया। इस अवसर पर राजकुमारी रूक्षमणि कुमारी ने बतौर मुख्य अतिथि एवं सरोवर ग्रुप ऑफ होटल्स के रीजनल हैड अभिनीत शुक्ला ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मास्टर रे चन्द्रन के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य आज के समय बहुत आवश्यक हो गया है। विश्व के सभी देशों के लोग शान्ति की तलाश में भारत आ रहे हैं, क्योंकि यहां कई ऐसी पद्धतियां और क्रियाएं मौजूद हैं, जिससे जीवनशैली में बदलाव कर लोग न सिर्फ मानसिक रूप से स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं बल्कि उनमें शारीरिक बदलाव होने से अनेक बीमारियों से भी निजात पाते हैं। कुण्डलिनी, एडवान्स कुण्डलिनी, गैलेटिक शक्तिपथ और बायो जियोमेट्री जैसी विधियों से हम अपने अन्तर्मन में छिपी शक्ति को उजागर कर ऊर्जा महसूस करते हैं, जिससे हमें अन्तर्मन की शान्ति प्राप्त होती है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच जब हम स्वयं को दुविधा में पाते हैं, तो इन विधियों के माध्यम से हम स्वयं को अधिक ऊर्जावान व एकाग्रचित्त प्राप्त कर पाते हैं। स्प्रिचुअल रिट्रीट जैसे आयोजनों से साइंस और आध्यात्मिकता का संगम किया जाता है जबकि साइंस में धर्म की कोई जगह नहीं होती। लेकिन इन विधियों और क्रियाओं से हम माइण्ड, बॉडी और सोल का बैलेन्स कर सुखी व निरोगी रह पाते हैं।
एनर्जी हीलिंग व अवतार कुण्डलिनी प्रक्रियाएं हमारे शरीर के ऊर्जा बिंदुओं को खोलती हैं, जिससे हम तनावमुक्त होते हैं और हमारे पारिवारिक रिश्तों, व्यापारिक कार्यक्षेत्र और जीवन के अन्य हिस्सों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

 

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