जापान पहुंचने वाली फॉर्मूला सोसायटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स एकमात्र टीम

जयपुर, 10 अक्टूबर (एजेन्सी)। सिंहगढ़ टेक्निकल एजूकेशन सोसायटी के 20 स्टूडेंट्स के ग्रुप ने हाल में हुये फॉर्मूला सोसायटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स सीरीज इन जापान (एफएसएई, जापान) में भारत का प्रतिनिधित्व किया। एसटीईएस रेसिंग में विभिन्न स्ट्रीम्स के अंडरग्रेजुएट इंजीनियर्स शामिल थे, जिन्होंने स्वतंत्रतापूर्वक रेसिंग कार-एसआर17 की परिकल्पना, डिजाइन, उत्पादन एवं परीक्षण को अंजाम दिया। एसआर17 में केटीएम ड्यूक 390सीसी का इंजन लगा हुआ है जोकि 43बीएचपी और 35 एनएम का टॉर्क देता है। इसमें सेल्फ-डिजाइन्ड एयर इनटेक के साथ विशिष्ट रूप से निर्मित टॉर्सेन डिफरेंशियल है। हूजर वेट टाइप और हूजर स्लिक टाइप टायर कठोर एवं गीली सड़कों पर सुरक्षा उपलब्ध कराते हैं। एमएसएई जापान में, एसआर17 को एक घंटे में तकनीकी जांच को पूरा किया और फिर इसे टिल्ट टेस्ट एवं निर्गमन से गुजारा गया। इस उपलब्धि पर रोहित नवले, वाइस प्रेसिडेंट-एचआर, सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट ने कहा कि हमें हमारी एसटीईएस रेसिंग टीम पर अत्यंत गर्व है, जिन्होंने एफएसएई सीरीज में 97 अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ मुकाबला किया। डिजाइन, उत्पादन और परीक्षण की समूची प्रक्रिया के दौरान, टीम को विभिन्न वास्तविक समय की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम ने अपने ज्ञान और बेहतरीन इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर इन सभी चुनौतियों का समाधान कर लिया। एसआर17 कुल मिलाकर एक बड़ी सफलता रही और हमें भरोसा है कि एसटीईएस रेसिंग को काफी लंबा सफर तय करना है। नवले ने आगे बताया कि सिंहगढ़ टेक्निकल एजूकेशन सोसायटी में, हमने हमेशा अपने स्टूडेंट्स को तकनीकी नवाचार और उन्नत अभियांत्रिकी विश्लेषण का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इससे उन्हें इंजीनियरिंग एवं मोटरस्पोट्र्स के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

 

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