कार्तिक आर्यन को लेकर दोस्त सनी सिंह ने कही ये बात

 

बॉलीवुड में सच्ची दोस्ती कम ही देखने को मिलती है, मगर अभिनेता कार्तिक आर्यन और सनी सिंह की दोस्ती ऐसी ही है। उन्होंने आकाशवाणी (2013), प्यार का पंचनामा 2 (2015) और सोनू के टीटू की स्वीटी (2018) जैसी फिल्मों में एक साथ अभिनय किया है । कार्तिक की फिल्म ‘पति, पत्नी और वो में सनी की दोस्ती का एक नया रूप देखने को मिला। सनी का इस फिल्म में छोटा-सा किरदार है। सनी के साथ बातचीत के कुछ अंश
आप फिल्म ‘पति, पत्नी और वो में कैमियो करने के लिए क्यों राजी हुए?
छोटे-से किरदार के रूप में मेरा उपस्थित होना कार्तिक के साथ मेरी दोस्ती की वजह से है। जब उन्होंने फोन किया और मुझसे पूछा कि क्या मैं एक विशेष उपस्थिति कर सकता हूं, तो मैं न नहीं कह सका। इस कॉल के बाद, मुझे जूनो (चोपड़ा, निर्माता) ने भी फोन किया और उनसे मिलकर बात करने के बाद मैंने सोचा कि यह किरदार फिल्म के लिए जरूरी था और इसलिए मैंने यह किरदार किया।
आपने इस साल फिल्म ‘दे दे प्यार दे में भी कैमियो किया। क्या आप स्क्रीन स्पेस को लेकर चिंतित नहीं हैं?
एक अभिनेता होने का एकमात्र उद्देश्य दर्शकों के साथ जुड़े रहना है। स्क्रीन स्पेस मेरी भूमिकाओं की पसंद को प्रभावित नहीं करता। बेशक, मुझे मुख्य भूमिका निभाना पसंद है, लेकिन जो लोग मेरे साथ विशेष रिश्ता रखते हैं, उनके लिए मैं यह कर सकता हूं। मैंने निर्देशक लव रंजन के लिए फिल्म ‘दे दे प्यार दे में एक कैमियो किया। क्योंकि उनका मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। मैंने कार्तिक के लिए ‘पति, पत्नी और वो की, क्योंकि उनके साथ मेरी काफी अच्छी दोस्ती है। मुझे खुशी है कि मैंने ये भूमिकाएं कीं, क्योंकि मैं अपने मुख्य प्रोजेक्ट के बीच दर्शकों के संपर्क में था और इन विशेष प्रस्तुतियों ने मुझे आगे बढऩे में मदद की।
कार्तिक के साथ आपकी दोस्ती कैसी है?
मैं कार्तिक से लव रंजन के माध्यम से मिला और हमारी पहली मुलाकात के बाद से ही हम अच्छे दोस्त बन गए। यह दोस्ती समय के साथ बढ़ती रही। हम अब आठ साल से एक-दूसरे को जानते हैं और एक ही तरह से काम करते हैं। हम जानते हैं कि हम हमेशा एक-दूसरे के साथ रहेंगे, चाहे जो भी हो। हम अकसर एक-दूसरे से मिल नहीं पाते, लेकिन फिर भी एक-दूसरे को समझते हैं। और यह बात हम दोनों बहुत अच्छी तरह से जानते हैं।
पुरानी फिल्मों का रीमेक एक मुश्किल व्यवसाय है। आप इसके बारे में क्या सोचते हैं?
रीमेक पूरी तरह से निर्देशक और संशोधित स्क्रिप्ट पर आधारित होते हैं। किसी चीज को कैसे देखते हैं, यह बात कसी भी प्रोजेक्ट को सफल बनाती है। यदि आप ठीक से चीजों को करते हैं और यदि स्क्रिप्ट अच्छी तरह से लिखी गई है, तो सफलता आपसे दूर नहीं रह सकती। एक किरदार को चित्रित करना हमेशा अच्छा होता है जिसने आपको एक अभिनेता के रूप में प्रेरित किया है।

 

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