पानी ने कहां गौता लगाया, देखने पंजाब पहुुंचे अफसर – गंगकैनाल में कोई बड़ी गड़बड़ होने की आशंका

श्रीगंगानगर, 22 जून (का.सं.)। श्रीगंगानगर जिले में गंगकैनाल एरिया को सरसब्ज करने वाली गंगकैनाल (बीकानेर कैनाल) में पंजाब क्षेत्र में कोई बड़ी गड़बड़ होने की आशंका है। इस आशंका को देखते हुए गंगकैनाल के अधीक्षण अभियंता अरूण सिडाना और अधिशाषी अभियंता (उत्तर) धीरज चावला व जल संसाधन विभाग के कईं कर्मचारी शुक्रवार को अचानक पंजाब कूच कर गये। राजस्थान सीमा से गंगकैनाल को पटरी-पटरी चैक करते हुए यह अधिकारी सायं लगभग पांच बजे फिरोजपुर हैड तक पहुंच गये, लेकिन कहीं भी पानी की चोरी होते हुए नजर नहीं आई। रास्ते में गंगकैनाल की बुर्जी संख्या 86.500 से निकलने वाली कान्यावाली माइनर और 45 आरडी, जहां से बीकानेर कैनाल निकलती है, वहंा बने हैड का निरीक्षण किया। इन दोनों हैडों पर पानी की गेज को चैक किया। कहीं कोई गड़बड़ नजर नहीं आई। इसके बावजूद हैड से छोड़ी गई पानी की मात्रा में से लगभग 500 क्यूसेक पानी कहां जा रहा है, यह इन अधिकारियों व कर्मचारियों की समझ में नहीं आया। फिरोजपुर हैड पर यह अधिकारी पहुंचे तो वहां उन्हें पंजाब के नहरी महकमे का कोई बड़ा अधिकारी नहीं मिला, जो उनकी आशंकाओं को दूर करते हुए सवालों के जवाब दे सके। इस हैड पर पहुंचने पर अधीक्षण अभियंता अरूण सिडाना ने फोन पर बताया कि लगता है पंजाब एरिया में गंगकैनाल में कहीं कोई बड़ी गड़बड़ होने की आशंका है। उन्होंने राजस्थान सीमा पर स्थित खक्खां हैड से लेकर फिरोजपुर हैड तक पूरी नहर का पटरी-पटरी निरीक्षण कर लिया है। कहीं भी पानी की चोरी होते दिखाई नहीं दी। आरडी 45 हेड और 86.500 हैड का भी अवलोकन कर लिया। यहां लगी हुई गेज भी चैक कर ली गई है। उन्होंने बताया कि गंगकैनाल में सुबह पंजाब से करीब 1900 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। खक्खां हैड पर करीब 1400 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी दूरी के बीच दो-अढ़ाई सौ क्यूसेक पानी का लॉसेज सामान्य बात है, लेकिन दो-तीन दिन से यह लॉसेज करीब 500 तक पहुंच गया है, जोकि सामान्य नहीं है। यहीं देखने के लिए वे पूरी नहर का निरीक्षण करते हुए हैड पर आये हैं, लेकिन कोई कारण समझ में नहीं आ रहा। श्रीगंगानगर जिले के किसान संगठन आरोप लगाते रहते हैं कि पंजाब में किसान गंगकैनाल का पानी बड़े पैमाने पर चोरी करते हैं। इस पर श्री सिडाना ने कहा कि पंजाब में पानी चोरी की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पांच सौ क्यूसेक पानी चोरी नहीं हो सकता। कान्यावाली माइनर भी महज 25 क्यूसेक की है। नि:सन्देह इस बार गड़बड़ कुछ और ही लग रही है। उन्होंने सम्भावना जताई कि कहीं नहर के बैड में कोई नीचे दरार ना आ गई हो, जिससे पानी भूमिगत हो रहा हो। अगर ऐसा है तो यह बहुत ‘यादा चिंता वाली बात है। इस गड़बड़ी को ढूंंढने में वक्त लग सकता है। नहर के बैड को चैक करने के लिए इसमें पानी को एक बार पूर्णत: बंद करवाये जाने की नौबत आ सकती है। उन्होंने कहा कि यह नहीं हो सकता कि पंजाब का नहरी महकमा हैड से पानी कम छोड़े और राजस्थान को ‘यादा पानी छोडऩे की सूचना दे। इस पूरे मामले का सच जानने के लिए पहुंचे यह अधिकारी पंजाब नहरी महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई वहां उपलब्ध नहीं हो रहा। फिरोजपुर में नियुक्त पंजाब नहरी महकमे के अधीक्षण अभियंता सहित कईं अधिकारी आज चंडीगढ़ में एक बैठक में गये हुए हैं। श्री सिडाना ने कहा कि पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर बातचीत की जायेगी। वे पंजाब नहरी महकमे का कुछ रिकॉर्ड भी देखना चाहते हैं। बता दें कि इन दिनों गंगकैनाल एरिया में फसलों की बिजाई का जोर है और किसानों को पानी की ज्यादा जरूरत है। इसके विपरीत गंगकैनाल में पानी कम होता जा रहा है। पानी बढ़ाने की मांग को लेकर किसान संगठनों ने जिला मुख्यालय पर पांच दिनों से धरना लगा रखा है।
धरना जारी, संघर्ष तेज करने का निर्णय : गंगनहर में सिंचाई पानी की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा व किसान संघर्ष समिति का धरना आज 5 वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बैठक कर आज किसानों ने आंदोलन को तेज करने निर्णय लिया। पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने कहा कि किसान को बिजाई के लिए इस वक्त पानी की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन जिला प्रशासन की गम्भीरता किसानों को समय पर पर्याप्त पानी दिलाने में कम ही है। ऐसे में किसानों को बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला कलेक्टर व सिंचाई विभाग ने गत दिनों दो बार के किये वायदे पूरे नही किए। किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल ने बताया कि किसान एक बार फिर धरना स्थल पर बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे निर्धारित शेयर के अनुसार पानी नही मिल जाता तब तक जिला मुख्यालय पर धरना लगातार जारी रहेगा। किसान सभा के जिला अध्यक्ष कालू थोरी ने किसानों से सिंचाई पानी के लिए एकजुटता करने व मजबूत आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष को तेज किये किसानों की सावनी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। बैठक में किसान सभा के जिला महामंत्री मास्टर केवल सिंह, किसान संघर्ष समिति के अमरसिंह बिश्नोई, पूर्व जिला परिषद सदस्य सुनील गोदारा, रविन्द्र तरखान, विजय रेवाड़, हरजीत सिंह उप्पल, पवन बिश्नोई, वीरेंद्र गोदारा, सोहन महिया, जसवंत घणघस, दलवीर सिंह, किसान दल से रघुवीर ताखर , कृष्णलाल नैन आदि नेता मौजूद रहे।

 

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