ग्लेनमार्क ने डायबिटीज की दवा रेमोग्लिफ्लोजिन को लॉन्च किया

 

नई दिल्ली, 16 मई(एजेन्सी)। शोध पर आधारित वैश्विक एकीकृत दवा कंपनी, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (ग्लेनमार्क) ने भारत में अपने बिल्कुल नए, पेटेंट संरक्षित और वैश्विक रूप से शोधित सोडियम ग्लूकोज को ट्रांसपोर्टर (एसजीएलटी2) इन्हिबिटर रेमोग्लिफ़्लोजिऩटैबोनेट (रेमोग्लिफ़्लोजिऩ) के लॉन्च की घोषणा की। दवा वयस्कों में टाइप-2 डायबिटीज के उपचार में काम आती है। एसजीएलटी2 इन्हिबिटर्स बिल्कुल नई एंटी-डायबिटिक दवाएं हैं जो कि गुर्दे के समीपस्थ नलिका में एसजीएलटी2 रिसेप्टर्सपर क्रिया करते हुए ग्लाइसेमिक नियंत्रण प्राप्त करने में मदद करती हैं। जिससे गुर्दे में ग्लूकोज की पुन: प्राप्ति रुक जाता है और मूत्र में ग्लूकोज के उत्सर्जन को बढ़ावा मिलता है। ग्लाइसेमिक नियंत्रण प्रदान करने के साथ, एसजीएलटी2 इन्हिबिटर्स वजन घटाने को प्रेरित करते हैं और हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद करते हैं। ग्लेनमार्क दुनिया की पहली कंपनी है जिसने रेमोग्लिफ्लोजिऩ लॉन्च किया है और इस अभिनव दवा का उपयोग करने वाला पहला देश भारत है। ग्लेनमार्क ने भारत में रेमोग्लिफ्लोजिऩ को ब्रांड नाम रेमो और रेमोजेन के रूप में लॉन्च किया है। कंपनी ने रेमोग्लिफ्लोजिऩ को 12.50 रुपये प्रति टैबलेट की कीमत पर लॉन्च किया है, जिसे दिन में दो बार लेना होता है। ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स के अध्यक्ष, इंडिया फॉर्मूलेशन्स ए मिडल ईस्ट और अफ्रीका ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स के सुजेश वासुदेवन ने बताया कि विश्व स्तर पर एसजीएलटी2 इन्हिबिटर टाइप-2 डायबिटीज की देखभाल के लिए पसंदीदा उपचार के रूप में उभर रहे हैं और ग्लेनमार्क को इस वर्ग में एक अभिनव अणु शामिल करने पर गर्व है, जो अत्याधुनिक है और बड़े पैमाने पर शोध किया गया है। ग्लेनमार्क अपेक्षाकृत कम लागत पर नवीनतम उपचार विकल्पों तक भारत में डायबिटीज रोगियों की पहुंच बनाने में अग्रणी रहा है और रेमोग्लिफ्लोजिऩ के लॉन्च के साथ कंपनी का उद्देश्य एसजीएलटी2 इन्हिबिटर्स तक रोगियों की पहुंच बढ़ाना है क्योंकि ये दवाएं प्रभावी डायबिटीज प्रबंधन के लिए लाभकारी साबित हुई हैं।

 

 

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