अप्रैल में ही गोल्ड हो सकता है 45 हजारी, एक साल में 11000 रुपये प्रति 10 ग्राम चढ़ा सोना

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से बेजार हो चुके दुनिया के शेयर बाजारों की स्थिति से निवेशक अब सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में भारत के सर्राफा बाजारों में सोने की चमक लॉकडाउन के बाद और देखने को मिल सकती है। बीते वित्तवर्ष (2019-20) में सोना हर 10 ग्राम पर 11000 रुपये का रिटर्न दे चुका है। मार्केट एक्सपट्र्स का मानना है कि सिर्फ अप्रैल में ही सोने के के भाव में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आ सकती है और यह 45 हजार प्रति 10 ग्राम का भाव छू सकता है।बता दें बीते वित्त वर्ष के दौरान सोने में करीब 34 फीसदी या 11000 रुपये की तेजी आई । 31 मार्च 2019 को सोना 31998 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था, वहीं 31 मार्च 2020 को सोने की क्लोजिंग 43000 रुपये के करीब हुई। वहीं 24 फरवरी 2020 को सोना 44,472 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। लॉकडाउन के चलते 14 अप्रैल तक सर्राफा बाजार बंद है, लेकिन सोना वायदा में तेजी बरकरार है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि मार्च 2020 में सोना 38500 के स्तर तक आ गया था, लेकिन वहां से कीमतों में फिर उछाल आया और मार्च अं?त में 43000 रुपये के करीब क्लोजिंग की। कोरोना संकट के बावजूद सोने की साख का भी कोई जोखिम नहीं है। केडिया के मुताबिक जिस तरह से 2008 की मंदी के दौरान सोने में बड़ी गिरावट के बड़ी तेजी आई थी, वैसी ही स्थिति इस बार भी दिख रही है। शेयर मार्केट और रुपये की कमजोरी का भी फायदा गोल्ड को मिलेगा। जब-जब इक्विटी में अनिश्चितता आती है, सोने में निवेश को बढ़ावा मिलता है। अप्रैल में सोना 45 हजार और अगले कुछ महीनों में 46 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

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