केरल में कर्जदारों को राहत दे सकती हैं गोल्ड लोन कंपनियां

कोलकाता। केरल में बाढ़ के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे ऐसे लोगों को गोल्ड लोन नॉन-बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों से कुछ राहत मिल सकती है जो लोन की किस्त नहीं चुका पाए हैं। मणप्पुरम फाइनैंस, मुथूट फाइनैंस और यूनिमनी जैसी कुछ छोटी कंपनी का मुख्य बिजनेस गोल्ड के बदले लोन देना है। केरल में एक सदी की सबसे भीषण बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में गोल्ड लोन कंपनियां जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे लोगों की मदद करने की सोच रही हैं। यूनिमनी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अमित सक्सेना ने ईटी को बताया, ‘बाढ़ के दौरान जो लोग लोन की किस्त नहीं चुका पाए हैं, हम उन्हें इसके लिए ग्रेस पीरियड दे रहे हैं।’ कंपनी का केरल में करीब 100 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन बिजनेस है। मणप्पुरम फाइनैंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, वी पी नंदकुमार ने बताया, ‘हम निश्चित तौर पर एक सहानुभूति वाला रवैया रखेंगे, लेकिन हमने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है। हमारे गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में केरल की हिस्सेदारी 6.4 पर्सेंट की है।कंपनी का केरल में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 800 करोड़ रुपये से कुछ अधिक का है। मणप्पुरण का देश भर में 12,600 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो है। नंदकुमार ने कहा कि केरल में गोल्ड लोन में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि लोग घर दोबारा बनाने या बाढ़ के कारण हुई अन्य मुश्किलों से निपटने के लिए सोना गिरवी रख सकते हैं या उसे बेच सकते हैं। यूनिमनी के सक्सेना ने कहा, ‘हम जीरो प्रोसेसिंग फीस के साथ लोन का प्रचार करेंगे।’ उन्होंने बताया कि कंपनी अधिक अवधि वाले लोन की पेशकश भी कर सकती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 75 पर्सेंट से अधिक की लोन टु वैल्यू रेशियो की पेशकश करने पर रोक लगाई है। अगर कोई व्यक्ति 1 लाख रुपये की गोल्ड ज्वैलरी गिरवी रखता है तो उसे बदले में केवल 75,000 रुपये तक का लोन ही मिल सकता है।

 

 

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