अच्छा डांसर ही अच्छा फाइटर बन सकता है तमन्ना

बाहुबली और बाहुबली 2 में अपनी बेहतरीन ऐक्टिंग से पहचान बनाने वाली ऐक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने फिल्म के लिए तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी थी। हमसे खास बातचीत में तमन्ना ने बताया कि उन्होंने ज्यादा फिल्में करने की खातिर तमिल और तेलुगू भाषाएं भी सीख लीं। एसएस राजामौली की फिल्म बाहुबली और बाहुबली 2 में काम करने वाली ऐक्ट्रेस तमन्ना ने उस वक्त अपने रोल की डिमांड के मुताबिक तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी थी। तमन्ना ने बताया, ‘मैंने तलवार चलानी सीखी, क्योंकि अवंतिका का किरदार एक योद्धा का था। मेरा परिचय फिल्म में एक ऐक्शन सीक्वेंस से होता है। इसके लिए तलवारबाजी आनी जरूरी थी। फाइटमास्टर पीटर हेन के गाइडेंस में मैंने ट्रेनिंग ली, तब मुझे समझ आया कि इसके लिए बाजुओं की ताकत चाहिए, लेकिन फुटवर्क सबसे ज्यादा महत्व रखता है। तब यह भी पता चला कि कोई भी अच्छा डांसर जल्दी अच्छा फाइटर बन सकता है।’ वैसे बता दें कि फिल्मों में ऐक्शन सीक्वेंस डांसिंग की तरह ही कोरियॉग्राफ किए जाते हैं। तमन्ना भाटिया हैं अपने पिता के बहुत करीब-तमन्ना कहती हैं, मैंने मेटल की तलवार से ट्रेनिंग ली थी, वह तलवार मेरी हाइट और वजन को ध्यान में रखकर चुनी गई थी। उस समय यह जरूरी था कि सीखते हुए हम खुद को चोट न पहुंचा लें। प्रभास जैसे ऐक्शन स्टार के साथ काम करना कैसा रहा, इस पर तमन्ना जवाब देती हैं कि प्रभास पहले ही बहुत ट्रेनिंग ले चुके थे। वह खुद ऐक्शन स्टार थे। मैंने उनसे बहुत सीखा, उनकी हर सीख बहुत काम आई। हम जहां शूटिंग कर रहे थे, वहां प्लेन ग्राउंड में शूटिंग करना मुश्किल था। और घुड़सवारी…. हां, मुझे घुड़सवारी भी सीखनी पड़ी, फिल्म सिटी के करीब 20 घोड़ों के घर में जीतू वर्मा ने ट्रेनिंग दी। वहीं, सेट पर अपने डांसिग स्किल पर लगातार काम करना पड़ा। मुझे क्लासिकल डांस सीखने की इच्छा थी, जो अब जाकर पूरी हुई है। अपनी नई तेलुगू फिल्म से रा नरसिंहा रेड्डी के लिए मैंने भरतनाट्यम सीखा है। इस फिल्म में चिरंजीवी और अमिताभ बच्चन भी काम कर रहे हैं।तमन्ना के 36 मीटर की स्कर्ट की कहानी-तमन्ना बताती हैं कि भरतनाट्यम सीखना मुश्किल है, शायद इसलिए लोग बच्चों को छोटी उम्र से ही भरतनाट्यम सिखाना शुरू कर देते हैं। भरतनाट्यम वाकई बहुत खूबसूरत डांस फॉर्म है। इससे हाथ और पैर भी मजबूत होते हैं। कई बार तो मुझे लगता है कि अगर इस पर हम और अच्छी तरह फोकस कर लें, और खूब मन से सीखें तो जिम जाने का ढेर सारा वक्त बचा सकते हैं। अब तमन्ना कई भाषाएं जानती हैं, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। बकौल तमन्ना, ‘मैं मुंबई में पैदा हुई और पली बढ़ी। मैं सिर्फ इंग्लिश और हिंदी भाषा ही जानती थी, लेकिन मैंने साउथ की फिल्मों में काम शुरू किया, तो कई सारे ऑफर मिलते देख लगा कि बेहतर होगा कि मैं तमिल और तेलुगू भाषाएं सीख लूं। 2007 में तेलुगू फिल्म में काम करते हुए यह भाषा सीखनी शुरू की, लेकिन तमिल बाद में सीखी। अब मैं दोनों भाषाएं बहुत अच्छी तरह जानती हूं। खुशकिस्मत हूं कि मैंने ये भाषा सीखी है, क्योंकि मैंने तमिल के बेहतरीन डायरेक्टर्स के साथ काम किया जो हिंदी और इंग्लिश नहीं बोल सकते। उनसे बात करने के लिए तमिल सीखनी जरूरी थी।’ इसीलिए कहते हैं कि भाषा सीखना तो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, यही इसकी खूबसूरती भी है।

 

 

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