ईमानदार करदाताओं को इनाम देगी सरकार

 

नई दिल्ली । जो लोग टैक्स चुकाने में ईमानदारी दिखाएंगे, उन्हें राज्य के गवर्नर के साथ चाय पीने, एयरपोर्ट पर चेक-इन में दूसरों से आगे रहने, प्रायॉरिटी पासपोर्ट, खास टोल लेन से गुजरने, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस सरीखे रिवॉर्ड दिए जा सकते हैं। सरकार नियमों का पालन करने का रिवाज मजबूत करना चाहती है और वह ईमानदार टैक्सपेयर्स को रिवॉर्ड देने के लिए एक इंसेंटिव प्रोग्राम बना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार ईटी को बताया कि यह स्कीम तैयार करने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के तहत एक कमिटी बनाई गई है। सरकार ने ब्लैक मनी के खात्मे के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार का मानना है कि सख्ती के कई उपाय किए गए हैं और अब ईमानदार नागरिकों को रिवॉर्ड देने की जरूरत है ताकि अधिक से अधिक लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें। यह कमिटी दूसरे देशों में इस तरह के रिवॉर्ड प्रोग्राम्स का अध्ययन करेगी और वहां की बेहतरीन चीजों को अपनी स्कीम में शामिल करेगी। इस स्कीम में लोगों का चयन इस आधार पर नहीं होगा कि उन्होंने कितना टैक्स चुकाया। चयन करते वक्त देखा जाएगा कि रिटर्न फाइल करने में लोग कितने रेग्युलर हैं, उन पर कोई जुर्माना लगा है या नहीं, उन पर कोई मुकदमा है या नहीं और उनके खिलाफ सर्च या सर्वे की कार्रवाई कभी की गई है या नहीं। इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एक सम्मान योजना थी, जिसमें टैक्सपेयर्स को रिवॉर्ड दिया जाता था, लेकिन 2004 के बाद इसे बंद कर दिया गया। ऐसी योजनाएं कई देशों में हैं। जापान में मॉडल टैक्सपेयर्स को राजा के साथ फोटो खिंचवाने का मौका मिल सकता है। फिलीपींस में ऐसे करदाताओं का नाम वैल्यू ऐडेड टैक्स सिस्टम के तहत नियमों के पालन के लिए लॉटरी में शामिल किया जा सकता है। साउथ कोरिया में ईमानदार करदाताओं को सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। वे एयरपोर्ट पर वीआईपी रूम्स में जा सकते हैं और फ्री पार्किंग का उपयोग कर सकते हैं। पाकिस्तान में हर साल टॉप 100 टैक्सपेयर्स को रिवॉर्ड देने की स्कीम है, जिसके तहत उन्हें एयरपोर्ट्स पर वीआईपी लाउंज का एक्सेस दिया जाता है, इमिग्रेशन काउंटरों पर उनको फास्ट ट्रैक क्लियरेंस सुविधा मिलती है, फ्री पासपोर्ट दिए जाते हैं और ज्यादा बैगेज वे अपने साथ ले जा सकते हैं।ग्रांट थॉर्नटन इंडिया के नैशनल लीडर विकास वासल ने कहा, ‘नोटबंदी, जीएसटी, आधार लिंकिंग आदि के जरिए फोकस टैक्स बेस और रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाने पर रहा है, लेकिन टैक्स ऐडमिनिस्ट्रेशन और टैक्सपेयर के बीच ट्रस्ट गैप कम करने की जरूरत भी है, खासतौर से उन ईमानदार करदाताओं के साथ, जो ईमानदारी से कर चुकाकर राष्ट्र के विकास में योगदान कर रहे हैं।’

 

 

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