जन घोषणा के तहत पंचायत समिति स्तर पर एपीटीसी स्थापना की प्रभावी योजना बनाएं-गोयल

जयपुर, 5 फरवरी (का.सं.)। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके गोयल ने राज्य सरकार की जन घोषणा के तहत पंचायत समिति स्तर पर कृषि प्रसंस्करण प्रशिक्षण केन्द्र (एपीटीसी) की स्थापना करने तथा विभिन्न फसलों के निर्यात को बढावा देने की प्रभावी योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। पी के गोयल मंगलवार को जयपुर में पंत कृषि भवन में राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रदेश भर के अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बोर्ड के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों के साथ-साथ विपणन बोर्ड की स्थापना के मुख्य उद्देश्य फसलोत्तर प्रबंधन के क्षेत्र मेें विशेष रूप से किसानों के हित में कार्य करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जन घोषणा के अन्तर्गत किसानों और उनके परिवारों को अपने अंतिम कृषि उत्पाद का लघु स्तर पर उत्पादन करने में सहायता करने के लिए पंचायत समिति स्तर पर कृषि प्रसंस्करण प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करनी है। साथ ही प्याज, लहसून, ग्वार, कपास जैसी अन्य फसलों के निर्यात को ब?ावा देने की प्रभावी योजनाएं बनाएं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिंस विशिष्ट की मंडियों में जिंस की आवश्यकतानुसार विशिष्ट आधारभूत संरचनाएं विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न मंडी प्रांगणों में निर्मित किसान भवन, कोल्ड स्टोर्स, पैक हाउस, एग्रो ट्रेड टावर आदि का कृषि विपणन व्यवस्था में कृषक सहयोगी बनाने के निर्देश दिए।7 संभागीय स्तर व 4 कृषि विपणन के खण्ड स्तर के लिए जिला स्तरीय समितियां गठित बोर्ड, प्रशासक डॉ. वीना प्रधान ने जन घोषणा के 100 दिवस की कार्य योजना की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इसके पहले चरण में 7 संभागीय स्तर व 4 कृषि विपणन के खण्ड स्तर पर पंचायत समितियों में कृषि प्रसंस्करण प्रशिक्षण केन्द्र पर काश्तकारों को कृषि प्रसंस्करण के लिए राज्य सरकार द्वारा जिला स्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है। कृषक चयन एवं प्रशिक्षण के लिए व्यावहारिक बनाने के लिए इन समितियों में कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय विशेषज्ञों को नामित किया है।इन बैठकों में क्षेत्र में बहुतायत से उत्पादित कृषि जिंसों एवं क्षेत्र के किसानों की आवश्यकता के आधार पर जिला स्तरीय समितियों द्वारा तीन दिन में बैठक आयोजित कर प्रशिक्षण मोड्यूल व कृषकों के चयन की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए माह फरवरी के अंत तक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए जाएं। किसानो के चयन में यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके द्वारा प्रशिक्षण उपरान्त विपणन बोर्ड द्वारा संचालित योजना का लाभ मिले। ‘कृषि प्रसंस्करण एवं विपणन प्रोत्साहन कृषकों के द्वार योजना के अन्तर्गत कृषि प्रसंस्करण इकाई स्थापना पर उपलब्ध 20 लाख रुपए तक के अनुदान लाभ लेने के लिए अधिकाधिक प्रोत्साहित करें।

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