एनसीएमएल पर केस दर्ज करवाकर व्यापारी शांत

 

श्रीगंगानगर, 17 सितम्बर (का.सं.)। एक वेयर हाऊस कम्पनी- नेशनल कॉलेक्ट्रेल मैनेजमेंट सर्विस लिमिटेड (एनसीएमएल) पर करोड़ों रुपये का माल हड़प लेने के दो मुकदमे दर्ज करवाने के बाद श्रीगंगानगर की एक प्रतिष्ठित फर्म के संचालक दो भाई शांत होकर बैठ गये हैं। कोतवाली में यह मुकदमे दर्ज हुए तीन-चार दिन हो गये। पुलिस द्वारा इस सम्बंध में विस्तृत जानकारी देने, बयान दर्ज करवाने और धोखाधड़ी से सम्बन्धित कागजात उपलब्ध करवाने के लिए मुकदमे दर्ज करवाने वाले दोनों भाइयों नरेश एवं सुरेश पुत्र महावीर प्रसाद गुप्ता निवासी जी ब्लॉक को बुलाया जा रहा है, लेकिन वे टाल-मटौल कर रहे हैं। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर महावीर प्रसाद ने सोमवार को बताया कि उन्होंने दो-तीन बार इन दोनों भाइयों से सम्पर्क किया है। उनके द्वारा बयान और कागजात उपलब्ध करवाने के बाद ही वे जांच को आगे बढ़ा पायेंगे। उन्होंने बताया कि एनसीएमएल के श्रीगंगानगर में भी दो-तीन प्रतिनिधि हैं, जिनसे पूछताछ की जायेगी। बता दें कि तीन-चार दिन पूर्व कोतवाली मेें एनसीएमएल पर करोड़ों रुपये के जिन्स हड़प लेने के आरोप में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। पहले मुकदमे में नरेश ने बताया है कि उसने एनसीएमएल के रिको उद्योग विहार में स्थित गोदाम में 190 बैग कॉटन बेल्स स्टॉक करवाकर पीएनबी से लोन लिया था। उसने लोन का कुछ हिस्सा चुकता करके 90 बैग कॉटन बेल्स रिलीज कराने का ऑर्डर ले लिया, लेकिन इस वेयर हाऊस कम्पनी में उसका यह स्टॉक रिलीज नहीं किया। विगत 3 अगस्त को साफ इंकार कर दिया कि वे उसे कोई माल नहीं देंगे। इसी प्रकार सुरेश गुप्ता ने इसी कम्पनी के सुमेरपुर, पाली में स्थित गोदाम में 550.69 मिट्रिक टन कैस्टर सीड्स को स्टॉक करवाकर लोन लिया था।सुरेश का कहना है कि उसने लोन चुकाकर यह माल रिलीज करवाने का ऑर्डर ले लिया, लेकिन उसे भी कम्पनी ने माल उठाने देने से इंकार कर दिया। पुलिस के अनुसार मुकदमे में एनसीएमएल के सीएम रोसाव येलूरी, जोनल हैड अनिरुद्ध रेजघोरपड़े, एमडी अनुपम कौशिक, एरिया मैनेजर अरूनेश प्रताप सिंह, रिजनल मैनेजर अजय अग्रवाल, बिजनेस मैनेजर इंद्रपाल बिश्रोई व एक अन्य अधिकारी श्रीराम मूर्ति पर धोखाधड़ी व जालसाजी के साथ-साथ अमानत में खयानत के आरोप लगाते हुए नामजद किया है। हड़पे गये माल की कीमत करोड़ों रुपये है, लेकिन अब मुकदमे दर्ज करवाने वाले ही जांच में पुलिस को सहयोग नहीं कर रहे। मामला मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त वाला है।

 

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