GST Council Meeting : जीएसटी काउंसिल की 20 सितंबर को, कई बड़े फैसले संभव

 

नई दिल्ली। सरकार अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर करने के लिए एक बाद एक बड़े फैसले कर रही है। अब बारी जीएसटी के मामले में राहत की है। 20 सितंबर को गोवा में जीएसटी काउंसिल की बैठक होने जा रही है, जिसमें मांग बढऩे के उपायों पर गौर किया जा सकता है।जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक होगी में कई बड़े फैसले संभव हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। मंत्रालय यह अनुमान लगाने में जुटा है कि त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ाने के लिए यदि जीएसटी की दरों में कटौती की जाती है तो कितना नुकसान हो सकता है। त्योहारों में आम तौर पर कार और टीवी, फ्रिज एवं एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बढ़ जाती है। इस दौरान लोग मकान भी खरीदते हैं।फिलहाल ऑटोमोबाइल, टायर, सीमेंट, एसी और बड़े एलसीडी टीवी पर 28 फीसदी टैक्स लगता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर पर वाहन की साइज के हिसाब से सेस (उपकर) भी लगाया जाता है। एक अधिकारी ने कहा कि मुद्दों को गहराई से जांचा जा रहा है, आंकड़े भी देखे जा रहे हैं। कुछ राज्यों ने पहले ही केंद्र सरकार को वाहनों और सीमेंट पर जीएसटी की दर घटाने के लिए पत्र लिख चुके हैं। कुछ जानकारों का मानना है कि 12 और 18 फीसदी का स्लैब मिलाकर एक कर दिया जाना चाहिए। वाहनों पर घट सकता है टैक्स-पीडब्लूसी में अप्रत्यक्ष टैक्स के नेशनल लीडर प्रतीक जैन के मुताबिक देश में आर्थिक सुस्ती को देखते हुए ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए जीएसटी की दरें घटाने का मामला बनता है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट और रेलवे, जहां इनपुट टैक्स के्रडिट पर रोक है, वहां इनपुट पर जीएसटी घटने का मामला बनता है। जैन के मुताबिक 12 और 18 प्रतिशत का स्लैब मिलाकर एक स्लैब 15 या 16 फीसदी करने पर भी जीएसटी काउंसिल की बैठक में चर्चा की जा सकती है। वाहनों पर टैक्स घटाने को लेकर बातचीत हो सकती है। हालांकि राज्यों में इस पर मतभेद हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से 18 फीसदी करने की मांग की जा रही है। सरकार को होगा भारी नुकसान-यदि ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए जीएसटी की दर घटाई जाती है तो सरकार को टैक्स उगाही के मामले में 50-60 हजार करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी तरफ सीमेंट पर टैक्स की दर 28 फीसदी से यदि 18 फीसदी किया जाता है तो सरकार की आय पर 13,000 से लेकर 15,000 करोड़ रुपए तक का असर हो सकता है।बड़े फैसलों की संभावना इसलिए-वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर घटकर 5 प्रतिशत रह गई, जो 6 साल का सबसे निचला स्तर है। बिक्री घटने से परेशान देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इस महीने 2 दिन उत्पादन बंद रखने का फैसला किया है। अगस्त में वाहन कंपनियों की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई। इन दिक्कतों को देखते हुए सरकार अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के ढेरों उपाय कर रही है। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.35 फीसदी की कटौती की और बैंको से लोन को रेपो रेट से लिंक करने के लिए कहा है। अब टैक्स घटाने की कवायद हो सकती है।

 

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