गुजरात चुनाव-हार्दिक की मुश्किलें बढ़ीं! करीबी छोड़ रहे साथ, कांग्रेस से नहीं बन पा रही बात

नई दिल्ली, 18 नवंबर (एजेंसी)। गुजरात चुनाव में सबसे बड़ा दांव युवा नेता हार्दिक पटेल पर लगा हुआ है। हार्दिक खुलकर स्वीकार कर चुके हैं कि उनका उद्देश्य बीजेपी को हराना है। उधर, बीजेपी हार्दिक कैंप को लगातार कमजोर कर रही हैं। हार्दिक के एक-एक कर सभी साथी उसका साथ छोड़ रहे हैं। बीजेपी भी यह भलीभांति जानती हैं कि जितना ज्यादा वह पाटीदार नेताओं को अपने पाले में करने में कामयाब होगी, उसकी जीत उतनी ही तय होती जाएगी। हार्दिक का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वालों की कड़ी में शनिवार को तीन नाम और जुड़ गए। पाटीदार आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले केतन पटेल, अमरीश और श्वेता ने शनिवार को बीजेपी में शामिल हो गए। इससे पहले गुरुवार को चिराग पटेल ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। इसी बीच, हार्दिक पटेल मंझधार में फंसते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस से उनकी बात नहीं बन पाई है। दूसरी ओर उनका कुनबा बिखर रहा है। उनके साथी बीजेपी में जा रहे हैं।

6 करीबी छोड़ चुके हैं हार्दिक का साथ : गुजरात चुनाव में बीजेपी लगातार हार्दिक पटेल को कमजोर करने की कवायद में है। पार्टी को कुछ हद तक इसमें सफलता भी मिली है। इसकी शुरुआत ठीक एक माह पहले की गई जब बीजेपी ने चुनाव अभियान का आगाज किया था। सबसे पहले बीजेपी ने 22 अक्टूबर को पाटीदार समाज के दो युवा नेता रेशमा पटेल और वरुण पटेल को अपने खेमे में जोड़ा। इसके बाद चिराग पटेल को अपने पक्ष में किया। शनिवार को केतन पटेल, अमरीश और श्वेता ने भी हार्दिक का साथ छोड़ दिया। गुजरात चुनाव को लेकर जहां बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, वहीं राज्य में नए-नए सियासी समीकरण गढऩे में लगी कांग्रेस पार्टी का विचार मंथन जारी है। इस बीच गुजरात में पाटीदार नेताओं ने कांग्रेस पार्टी को पटेल आरक्षण पर अपना रुख साफ करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पाटीदार नेताओं का कहना है कि यदि कांग्रेस ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो पूरा पटेल समाज कांग्रेस द्वारा चुने गए पटेल उम्मीदवारों को वोट नहीं देने की अपील करेगा। दरअसल कांग्रेस पार्टी के लिए 22 साल बाद राज्य की सत्ता में वापसी के लिए सबसे बड़ा दांव पटेल समुदाय को अपने पक्ष में करने का है। कांग्रेस पार्टी को पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का समर्थन बीजेपी के विरोध के रूप में तो समर्थन मिल गया है लेकिन राज्य में पटेलों को आरक्षण देने के मामले में अभी तक कांग्रेस पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। शुरुआत में पाटीदार आंदोलन अनामत समिति के नेता हार्दिक ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी 3 नवंबर तक यह स्पष्ट करें कि वह पाटीदारों को संवैधानिक आरक्षण कैसे देगी? लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस पर अभी तक कोई सफाई नहीं दी थी। शुक्रवार को दिल्ली में पटेल आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के प्रतिनिधि दिनेश बामभानिया ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मुलाकात की। पाटीदार नेताओं की मांग है कि कांग्रेस पार्टी उनके 30-35 लोगों को टिकट दे, लेकिन कांग्रेस इसके लिए सहमत नहीं है। पाटीदार नेताओं ने कांग्रेस को अब 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि यदि आरक्षण को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया और हमारी मांगें नहीं मानी तो हम बीजेपी की तरह ही उनका भी गुजरात चुनाव में बायकॉट करेंगे।

 

 

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