सुबह में हार्ट अटैक का खतरा रात की तुलना में अधिक: रिसर्च

 

किसी व्यक्ति को सुबह के वक्त आने वाला हार्ट अटैक, रात में आने वाले हार्ट अटैक की तुलना में ज्यादा गंभीर होता है। स्टडी में इस बारे में चर्चा की गई कि कैसे दिन का कोई खास समय बीमारी की गंभीरता को प्रभावित करता है।अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो किसी व्यक्ति को सुबह के वक्त आने वाला हार्ट अटैक, रात में आने वाले हार्ट अटैक या कार्डिअक अरेस्ट की तुलना में ज्यादा गंभीर होता है। ट्रेंड्स इन इम्यूनोलॉजी नाम के जर्नल में प्रकाशित स्टडी में इस बारे में चर्चा की गई है कैसे दिन का कोई खास समय बीमारी की गंभीरता को प्रभावित करता है और इसमें हार्ट अटैक से लेकर ऐलर्जी जैसी बीमारियां शामिल हैं।
रोध प्रतिरोधक क्षमता की प्रतिक्रिया किस वक्त कैसी?
इस स्टडी में यह भी दिखाया गया है कि शरीर की अनुकूलनीय रोग प्रतिरोधक क्षमता की प्रतिक्रिया जिसमें बेहद स्पेशलाइज्ड पैथोजन फाइटिंग सेल्स होते हैं वे कई हफ्तों के अंदर विकसित होते हैं और वे शरीर की आंतरिक घड़ी के कंट्रोल में होते हैं। अनुंसधानकर्ताओं ने एक नहीं बल्कि कई स्टडीज को एक साथ संग्रहित किया और यह जानने की कोशिश की कि शरीर की आंतरिक घड़ी के रिदम और रोग प्रतिरोधक क्षमता की प्रतिक्रिया (इम्यून रिस्पॉन्स) के बीच क्या और कैसा कनेक्शन है।
इम्यून सेल कब कैसी प्रतिक्रिया देते हैं?
इस स्टडी के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने अलग-अलग स्टडीज की जांच की और तुलना करने की कोशिश की कि शरीर के रोग प्रतिरोधक सेल नॉर्मल परिस्थिति में, सूजन और जलन की स्थिति में और बीमार होने की परिस्थिति में दिन के अलग-अलग समय कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।

 

 

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