हिमालया ने कैंसर रोगियों के लिये पहला ओरल रिन्स प्रस्तुत किया

नई दिल्ली। स्वास्थ्य ब्राण्ड द हिमालया ड्रग कंपनी ने कैंसर रोगियों के लिये हल्दी युक्त, कुल्ला करने की एक उन्नत आयुर्वेदिक औषधि ओरो-टी प्रस्तुत की है।ओरो-टी एक पॉली हर्बल फार्मूला और अपने प्रकार का पहला उत्पाद है, जिसमें ‘ओरल म्यूकोसाइटिस के लिये रोकथाम और उपचार के गुण है, जोकि कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी करवाने वाले कैंसर रोगियों को होता है। द हिमालया ड्रग कंपनी में मेडिकल सलाहकार डॉ. पलानीयम्मा ने कहा, ”एक स्वास्थ्य कंपनी के तौर पर हम अपनी औषधियों के कारण विश्वभर में जाने जाते हैं और हमारे समर्पित वैज्ञानिकों का दल कैंसर रोगी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिये उत्पाद विकसित करने का प्रयास करता है। ओरो-टी रेडियोथेरेपी या कीमोथेरेपी करवाने वाले कैंसर रोगियों में ओरल म्यूकोसाइटिस (मुँह के छाले) की गंभीरता को कम करने के लिये प्रस्तुत किया गया है।ओरो-टी में हल्दी, त्रिफला और शहद जैसे प्राकृतिक घटक हैं, जो ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (ओएसएफ या ओएसएमएफ) के उपचार में भी सहायता करता है, यह मुख का एक स्थायी रोग, जिसमें मुँह के उत्तकों में जलन और प्रोग्रेसिव फाइब्रोसिस (कठोर होना) होता है। ओएसएफ या ओएसएमएफ मुख्य रूप से पान और गुटखा खाने वालों को होता है।हल्दी का एक सक्रिय घटक क्यूरक्यूमिन है, जिस पर खूब शोध किया गया है और इसमें जलनरोधी तथा फोड़ारोधी गुण होते हैं। शहद में घाव भरने के गुण होते हैं, जबकि त्रिफला भी घाव भरने के काम आता है। ओरो-टी पर कुछ प्रमुख अस्पतालों में किये गये चिकित्सकीय परीक्षणों ने इसकी प्रभावशीलता को सिद्ध किया है और पुष्टि की है कि इस उत्पाद का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। जीवन की गुणवत्ता का विश्लेषण करने के लिये एक वैध और विश्वभर में स्वीकृत साधन पीआरओएम (पेशेन्ट रिपोर्टेड आउटकम मेजर्स) के अनुसार यह उत्पाद कैंसर रोगी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करता है।यह मुँह के छालों को कम करने, बोलने में कठिनाई को दूर करने और फोड़ों के कारण बोलने में रूकावट को दूर करने, कठोर/मुलायम आहार खाने या निगलने में कठिनाई को दूर करने में उपयोगी है। यह गले में फोड़े (फैरींजाइटिस) के कारण दर्द और जलन को कम करने में भी सहायक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *