चिकित्सा मंत्री ने दिलाई चिकित्सालयों में स्वच्छता अपनाने की शपथ

राज्यस्तरीय कायाकल्प पुरस्कार, 310 आदर्श पीएचसी एवं पीसीवी टीकाकरण का शुभारंभ समारोह आयोजित
विश्व स्वास्थ्य दिवस

जयपुर, 7 अप्रैल (का.सं.)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन स्वच्छता अपनाकर अपने घर, कार्यालय एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में साफ-सफाई के प्रति जागरूक होकर हम स्वयं रोगों की रोकथाम में भूमिका निभा सकते हैं। राज्य सरकार ‘यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज : एवरीवन और एवरीवेयर’ की भावना को अपनाकर संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किये गये हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने शनिवार को पंचायती राज संस्थान के सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कायाकल्प पुरस्कार, 310 आदर्श पीएचसी एवं निमोनिया बचाव के नये पीसीवी टीके के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 17 हजार राजकीय चिकित्सा संस्थानोंं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवायी जा रही है। वर्ष 2017 के दौरान प्रदेश के राजकीय चिकित्सा संस्थानों के आउटडोर में कुल 11 करोड़ 49 लाख रोगियों का उपचार किया गया और इन्डोर में कुल 65 लाख 28 हजार रोगियों का उपचार किया गया अर्थात् प्रतिदिन औसतन आउटडोर में 3 लाख 15 हजार एवं इन्डोर में 17 हजार 886 रोगियों का उपचार किया जा रहा है। सराफ ने बताया कि राज्य सरकार ने सबके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श पीएचसी की स्थापना करते हुए प्रथम चरण मे 15 अगस्त 2016 को 295 आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की शुरूआत की है। द्वितीय चरण के प्रथम स्टेज में 11 जुलाई 2017 से 286 को आदर्श पीएचसी के रूप में प्रारम्भ किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इन सभी संस्थानों में पर्याप्त स्टॉफ, उपकरण एवं दवाईयों के साथ ही आयुष चिकित्सक लगाकर आयुर्वेद एवं योग की सेवायें भी दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आदर्श पीएचसी में गत वर्ष की तुलना में आउटडोर में 26 प्रतिशत एवं प्रसव संख्या में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी से प्रेरित होकर आज द्वितीय स्टेज में 310 को आदर्श पीएचसी के रूप में प्रारम्भ किया जा रहा है। इन्हें मिलाकर अब प्रदेश में कुल 891 आदर्श पीएचसी हो गयी है। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि लाईफ स्टाइल डिजीजेज या नॉन कम्युनिकेबल डिजीजेज की रोकथाम के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री महोदया द्वारा 13 दिसम्बर, 2015 से भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारम्भ कर गरीब व्यक्ति को भी निजी चिकित्सालयों में कैशलेस सुविधा प्रदान की गयी है। बीएसबीवाई के तहत अब तक 20 लाख मरीजों को 1200 करोड़ रुपये राशि की इन्डोर उपचार की सुविधायें उपलब्ध करवायी जा चुकी हैं। यह सुविधायें प्रदेश के लगभग 506 सरकारी और 705 निजी चिकित्सालयों में कैसलेस उपलब्ध है। सराफ ने बताया कि जिला अस्पतालों, सीएचसी, आदर्श पीएचसी के बाद वित्तीय वर्ष 2018-19 में कायाकल्प कार्यक्रम में अरबन पीएचसी को भी शामिल किया गया है और आज 20 अरबन पीएचसी को पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के तहत आज 3 जिला अस्पतालों, 2 सीएचसी, 3 पीएचसी को स्टेट सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया। निमोनिया से बचाव हेतु अब पीसीवी : चिकित्सा मंत्री ने बताया कि हमारे प्रदेश में औसतन प्रतिवर्ष 17 लाख बच्चे जन्म लेते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से 70 हजार बच्चे 5 वर्ष की आयु से पूर्व ही मृत्यु के शिकार हो जाते हैं। इन बच्चों को बचाने के लिए टीकाकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसम्बर 2018 तक टीकाकरण का स्तर 90 प्रतिशत अर्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश के 9 जिलों में पीसीवी वैक्सीन का शुभारम्भ किया गया है। नि:शुल्क लगाये जाने वाले इस टीके से बच्चों में निमोनिया और दिमागी बुखार जैसी गंभीर बीमारियों को रोका जा सकेगा। अगले वर्ष से इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जायेगा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की कॉमिक्स की लांचिग सराफ ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के बारे में जानकारी वाली एक कॉमिक्स का अनावरण किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉमिक्स गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं को जिला एवं संस्थान स्तर तक सफलता पूर्वक संचालित कर रहे अधिकारियों, कर्मचारियों सहित कायाकल्प अवार्ड पुरस्कार विजेता शहरी डिसपेंसरीज के प्रबंधकमंडल को पुरस्कृत किया एवं शुभकामनाएं दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु संचालित किये स्वास्थ्य दल आपके द्वार अभियान में एकजुट होकर कार्य करने पर समस्त अधिकारियों व कार्मिकों सहित आमजन का भी धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि स्वच्छता, साफ-सफाई के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरत कर हम बीमारियों के फैलाव पर नियंत्रण रख सकते हैं। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य कार्मिकों से राष्ट्ीय स्वास्थ्य योजनाओं व कार्यक्रमों की सेवाएं जरूरतमंदों को यथासमय उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने गैर-संचारी रोगों की रोकथाम हेतु आमजन को इनके होने एवं बचाव के कारणों की आवश्यक जानकारी सुलभ कराने की आवश्यकता प्रतिपादित की। शासन सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि यूनिवर्सल हैल्थ की दिशा में राजस्थान तमिलनाडू राज्य की तरह श्रेष्ठ पायदान पर हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान के अंतर्गत कायाकल्प पुरस्कार पाने के लिए चिकित्सा संस्थानों में होठ मची है, जिसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक चिकित्सा केन्द्रों में उत्साहवर्धक स्वच्छता के अंक अर्जित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ण पारदर्शिता के साथ चिकित्सा संस्थानों का छह पैरामीटर पर आंतरित मूल्यांकन किया जाता है एवं 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले जिला अस्पतालों, उपखंड/सैटेलाइट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को कायाकल्प अवार्ड के लिए चुना जाता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में अब राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित शहरी पीएचसी को भी कायाकल्प पुरस्कार योजना में शामिल कर लिया गया है। विशिष्ट शासन सचिव एवं अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम एस.एन.सोनी ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ.वी.के.माथुर, निदेशक आरसीएच डॉ.एस.एम.मित्तल, परियोजना निदेशक डॉ.तरूण चौद्दरी, डॉ.एस.के.गर्ग, विश्व स्वास्थ्य संगठन की डॉ.आरती सिंह ने भी विचार व्यक्त किये। संयुक्त निदेशक प्रचार गोविन्द पारीक ने समारोह का संचालन किया। इन्हें मिले कायाकल्प पुरस्कार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण चरण सराफ ने राज्यस्तरीय समारोह में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत संचालित कायाकल्प अवार्ड योजना में हुए आंतरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ रहे शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को रु.2 लाख, रु.1.50 लाख एवं रु.50 हजार राशि के कायाकल्प पुरस्कार व प्रतीक चिन्ह् प्रदान कर सम्मानित किया। दो लाख रुपये का प्रथम कायाकल्प पुरस्कार गंगानगर की पुरानी आबादी अरबन पीएचसी, टोंक की पुरानी टोंक यूपीएचसी, जयपुर-प्रथम की देवीनगर, पाली की टैगोर नगर, कोटा की सकटपुरा एवं भरतपुर की तिलक नगर शहरी पीएचसी ने प्राप्त किया। राशि 1.50 लाख के द्वितीय कायाकल्प पुरस्कार अजमेर की गढ़ीमालियान, चूरू की डाबला, जोधपुर की हाउंसिंग बोर्ड, जयपुर-द्वितीय की अग्रवाल फार्म-मानसरोवर एवं कोटा की महावीर नगर यूपीएचसी को दिये गये। तृतीय कायाकल्प पुरस्कार के रूप में राशि रु. 50 हजार चूरू की राजगढ़ यूपीएससी, बीकानेर की नंं.1,2,3,4,5 व 7 तथा नागौर की मोतीराम जी की कोठी तथा भीलवाड़ा की बापूनगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने प्राप्त किये। आठ चिकित्सा संस्थानों को क्वालिटी एश्योरेंस अवार्ड समारोह में चित्तौडग़ढ़ के सावंरिया जी राजकीय जिला अस्पताल, हनुमानगढ़ के एम.जी.एम. जिला अस्पताल व झुंझुनूं के बी.डी.के. चिकित्सालय को क्वालिटी एश्योरेंस अवार्ड प्रदान किये गये। सामुदायिक स्वास्थ्य की श्रेणी में राजसमंद जिले की आमेट सीएचसी व झुंझुनूं जिले की बिसाउ सीएचसी ने प्राप्त किये। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की श्रेणी में बांसवाड़ा जिले की सलोपट पीएचसी, झुंझनूं जिले की इस्लामपुर तथा भीलवाड़ा जिले की सिंगोली पीएचसी को क्वालिटी एश्योरेंस अवार्ड दिये गये हैं। चिकित्सा मंत्री ने कायाकल्प पुरस्कार योजना में प्रशंसनीय योगदान करने पर कंसलटेंट क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. खुशबू जैन एवं कंसलटेंट एनयूएचएम डॉ. शंशाक को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर उत्साहवर्धन किया।

 

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