कुछ लोगों को होती है एक्सरसाइज से एलर्जी

अगर आपको कोई ये कहे कि उसे एक्सरसाइज से एलर्जी है तो हंसिएगा मत। ये वाकई सच हो सकता है कोई बहाना नहीं। उन्हें एक्सरसाइज-इंड्यूस्ड एनाफिलेक्सिस की समस्या हो सकती है जो कि लगभग दो प्रतिशत लोगों को प्रभावित करती है। यह एलर्जी शारीरिक मेहनत की प्रतिक्रिया के रूप में होती है और यह डर बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो व्यक्ति मर भी सकता है। यानी कि इससे प्रभावित व्यक्ति में आपको ट्रेडमिल पर चलते या पुश-अप करते हुए इसके एलर्जिक रिएक्शन के लक्षण दिखना शुरू हो सकते हैं।
इसके लक्षणों को समझना जरूरी है। ट्रेडमिल पर अगर 5 मील प्रति घंटे की स्पीड पर चलने से आपका शरीर थरथराना शुरू कर दे, तो जरूरी नहीं कि आपको एनाफिलेक्सिस है। वास्तव में श्वसन मार्ग में दबाव के कारण दम घुटने लगता है लेकिन यह थरथराहट और दम घुटना दो अलग-अलग बातें हैं। जब आपको थरथराहट के साथ, चकत्ते या हाइव्स, मतली, पेट की ऐंठन, खुजली या फ्लशिंग जैसे लक्षण दिखें तो यह अनैफिलैक्टिक रिएक्शन माना जाता है। आम तौर पर एक्सरसाइज-इंड्यूस्ड एनाफिलेक्सिस लोगों के परिवार के सदस्यों में देखा जाता है जो कि 4 से 75 साल की उम्र के किसी व्यक्ति को कभी-भी हो सकता है। एनाफिलेक्सिस के सभी मामलों में, केवल 5-15 प्रतिशत मामले ही एक्सरसाइज-इंड्यूस्ड एनाफिलेक्सिस होते हैं।
अध्ययन के मुताबिक कुछ चीजे खाने, दवाओं को निगलने, या कुछ पर्यावरण संबंधी स्थितियों में एक्सरसाइज करने से एनाफिलेक्सिस ट्रिगर हो सकता है। कुछ खानों से एलर्जिक रिएक्शन भी शुरू होती है। इसे फूड डिपेंडेंट एक्सरसाइज-इंड्यूस्ड एनाफिलेक्सिस कहा जाता है। केवल एक्सरसाइज ही इसका कारण नहीं हैं। ऐसी खाने की चीजों में गेहूं, शेलफिश, अंगूर, मेवे, अंडे, संतरे, सेब, अखरोट, पनीर, गोभी, सिंघाडा, टमाटर, मूंगफली, मछली, पोर्क, बीफ, चिकन, जौ, प्याज, शराब और गाय का दूध शामिल हैं।

 

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