ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं? लुटने से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल

 

 

 

ऑनलाइन शॉपिंग ने हमारे शॉपिंग करने के तरीके को बदल दिया है। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग माध्यम की लोकप्रियता में बढ़ोतरी होने के साथ फाइनैंशल धोखाधड़ी और रिस्क में भी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए, धोखाधड़ी से बचने के लिए ऑनलाइन पर अपने पैसे को समझदारी के साथ इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। यहां कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिनकी मदद से आप साइबर क्राइम से अपनी रक्षा कर सकते हैं।
सिर्फ भरोसेमंद वेबसाइट पर ही डेटा शेयर करें
आपका सामना धोखेबाज वेबसाइटों के साथ हो सकता है जो आम वेबसाइटों का रूप लेकर धोखेबाजी करते हैं, इसलिए क्ररु में स्पेलिंग मिस्टेक या एक्स्ट्रा कैरेक्टर्स पर ध्यान दें जो अनदेखे या अनजाने लग सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग या मोबाइल बैंकिंग से दूर रहना, इससे बचने का एक तरीका है। लेकिन, यह एक आज की दुनिया में यह प्रभावी समाधान नहीं हो सकता क्योंकि हम लगातार सुविधाभोगी होते जा रहे हैं। इसलिए, सिर्फ उन्हीं वेबसाइटों पर ही पेमेंट करें जिनसे आप परिचित हैं। इसके अलावा उस वेबसाइट के सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान दें। सुरक्षित रहने के लिए, छोटे-मोटे ब्रैंड की वेबसाइटों से शॉपिंग करते समय डिलीवरी ऑप्शन में कैश ऑप्शन का चयन करें। आपको इसके लिए एक्स्ट्रा फी देनी पड़ सकती है, लेकिन अफसोस करने के बजाय सुरक्षित रहना बेहतर है।
अच्छी तरह देख लें कि छोटा सा पैडलॉक हरे रंग का है या नहीं
इंटरनेट चलाते समय ऐड्रेस बार में हरे रंग के ताले पर ध्यान दें। आपको वहां जो छोटा सा ताला दिखाई देता है, वह हरे रंग का होना चाहिए जो इस बात का प्रमाण है कि वह सिक्यॉर्ड कनेक्शन है और वह साइबर सुरक्षा मानकों का पालन करता है। लाल रंग का ताला सिक्यॉरिटी अलर्ट का इंडिकेटर है। वेबसाइट के सिक्यॉरिटी सर्टिफिकेट की जांच करने के लिए उस छोटे से ताले पर क्लिक करें। इसके अलावा उसके क्ररु पर भी ध्यान दें और सिर्फ एक ऐसे वेब ऐड्रेस से ही खरीदारी करें जो ‘द्धह्लह्लश्चह्य’ से शुरू होता हो। यहां ‘ह्य’ का मतलब है ‘सुरक्षित’। इसलिए, यदि वेबसाइट का क्ररु ‘द्धह्लह्लश्च://’ से शुरू होता है तो उस वेबसाइट पर अपना डेटा शेयर करने से बचें। एक अच्छे मैलवेयर प्रॉटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करने से आपको इस बात की चेतावनी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है कि आपका इंटरनेट कनेक्शन कब सुरक्षित नहीं है।
पासवर्ड मजबूत रखें औ समझदारी के साथ इस्तेमाल करें
सभी फाइनैंशल अकाउंट के लिए एक यूनिवर्सल पासवर्ड सेट करना, उन्हें कभी न भूलने का एक स्मार्ट तरीका हो सकता है, लेकिन इस स्ट्रैटिजी का इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है। सभी अकाउंट का पासवर्ड एक समान रखने पर एक अकाउंट के साथ कम्प्रोमाइज होने पर सभी अकाउंट के कम्प्रोमाइज होने का खतरा बना रहता है। इसलिए, यदि हैकरों को किसी एक अकाउंट के पासवर्ड का पता चल गया, तो वे बड़ी आसानी से सभी अकाउंट को एक्सेस कर लेंगे। इसके बजाय अलग-अलग पासवर्ड सेट करें और उन्हें याद रखने का एक अनोखा तरीका सोचें।
लेटेस्ट सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टाल और अपडेट करें
अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर लेटेस्ट सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने पर आपके कंप्यूटर में कोई सिक्यॉरिटी ब्रीच या मैलवेयर अटैक होने पर आपको उसकी सूचना मिल जाएगी। आपको पॉप-अप भी दिखाई देंगे जो आपको दुर्भावनापूर्ण कॉन्टेंट के बारे में सचेत करेंगे जो आपके सिस्टम को डैमेज कर सकते हैं या आपका डेटा चुरा सकते हैं। कार्य कुशल सॉफ्टवेयर आपको समय-समय पर सिक्यॉरिटी स्कैन और चेक रन करने की याद भी दिलाएंगे और आपको लेटेस्ट अपडेट्स के बारे में सूचित भी करेंगे जो आपके सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी हैं, जिससे आपके ऑनलाइन लेनदेन सुरक्षित रहते हैं। लेटेस्ट सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर के साथ अप-टू-डेट रहें और इसमें कोई कम्प्रोमाइज न करें। इस सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर को अधिक-से-अधिक सुरक्षा वाले भरोसेमंद वेबसाइटों से ही इंस्टॉल करें। इन सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर कंपनियों से रेग्युलर अपडेट लेते रहने से आपके सिस्टम में किसी वल्नरेबिलिटी को दूर करने और आपके बेशकीमती डेटा को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
गोपनीय जानकारियां शेयर न करें
अपने ईमेल अकाउंट या सोशल मीडिया अकाउंट की मदद से ऑनलाइन स्टोरों में लॉग इन करना आसान लग सकता है, लेकिन ऐसा न करके एक नए यूजर के रूप में रजिस्टर करने का रास्ता अपनाएं। इससे आपके गूगल अकाउंट या सोशल मीडिया अकाउंट तक किसी की पहुंच से बचा जा सकता है। इस एक्सेस के बिना ऑनलाइन स्टोर या स्टोर के इंटरफेस में घुसने वाला कोई हैकर आपके डेटा को एक्सेस नहीं कर पाएगा। याद रखें, आपकी अधिकांश बैंकिंग और अन्य वित्तीय क्रियाकलापों की जानकारी आपके ईमेल अकाउंट पर भेजी जाती है जबकि आपके सोशल मीडिया अकाउंट में भी कुछ संवेदनशील जानकारी रह सकती हैं। इसलिए, इस एक्सेस को समाप्त कर देने से आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल करना ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।
अनजानी साइटों से डाउनलोड करना बंद करें
ऑडियो फाइलों और अन्य कंटेंट को डाउनलोड करने के लिए सिक्यॉर साइटों का इस्तेमाल करें। एक अनजानी साइट से किए गए डाउनलोड में वायरस या मैलवेयर रह सकता है। कई हैकर्स आपकी डिवाइस पर मौजूद डेटा और जानकारी तक पहुँचने के लिए तरह-तरह के डाउनलोड में कुछ ख़ास तरह का सॉफ्टवेयर इन्सर्ट कर देते हैं। इनमें से किसी को डाउनलोड करने से वे आपके बैंकिंग एप्स में मौजूद संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने में सक्षम हो सकते हैं। साइट की गोपनीयता की नीतियों को समझने के लिए उस साइट के नियमों एवं शर्तों को अच्छी तरह पढ़ें, चाहे वे कितने भी नीरस क्यों न लगें। यहां तक कि भरोसेमंद वेबसाइटों और ऐप्स में भी जल्दी से चेक आउट करने के लिए वहां अपने कार्ड की जानकारी सेव करके न रखना भी एक अच्छा उपाय है। फिशिंग ईमेलों पर क्लिक करने से दूर रहें और ईमेल विज्ञापनों में दिए गए लॉटरी में जीत की खबर पर भी भरोसा न करें। यदि आप सच में उनके बारे में या उनकी असलीयत जानना चाहते हैं तो ऑनलाइन पर जाकर उनके बारे में खोजबीन करें या सीधे उस कंपनी को फोन करें।
अपने पासवर्ड्स को हमेशा जांचते और बदलते रहें
पासवर्ड रिकवरी के लिए स्मार्ट तरीकों का इस्तेमाल करें और हर छ: महीने में अपना पासवर्ड बदलते रहें। फोन पर या कागज पर लिखकर किसी को अपनी पर्सनल जानकारी देने से बचें और अपने पासवर्डों को सुरक्षित रखें। इसके अलावा, अपने पर्सनल स्मार्ट डिवाइसों के इस्तेमाल को सीमित करने के लिए सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करें। यदि आप बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए वाई-फाई का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो यह जरूर देख लें कि वह आपका अपना वाई-फाई हो। इस तरह के काम के लिए पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने से बचें। अपने डिवाइस और इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइटों के बीच में एक एनक्रिप्टेड कनेक्शन के लिए ङ्कक्कहृ (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) सेवाओं का इस्तेमाल करें।

 

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