आईआईएम सिरमौर ने आयोजित किया लीडरशिप समिट 2.0

पावंटा साहिब, 6 नवंबर(एजेन्सी)। आईआईएम सिरमौर ने अपने लीडरशिप समिट-2.0 का आयोजन किया। इस श्रृंखला में दूसरे सम्मेलन का विषय ‘यंग इण्डिया: लीडर्स ऑफ टुमॉरो था। कोरपोरेट जगत के दिग्गजों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। राज खोसला, संस्थापक और एमडी माय मनी मंत्रा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। प्रोफेसर (डॉ) नीलू रोहमेत्रा, डायरेक्टर, आईआईएम सिरमौर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। राज खोसला ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आईआईएम सिरमौर स्वच्छ भारत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि कैसे संस्थान ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच के संबंधों को महत्व दिया है। उन्होंने अपने निजी एवं पेशेवर अनुभव के आधार पर बताया कि लीडरशिप बेहद महत्वपूर्ण है और आत्मविश्वास, आशावाद, संतोष, निडरता इसके मुख्य अवयव हैं।
उन्होंने बताया कि एक अच्छा लीडर ही कार्यस्थल पर संतोषजनक वातवरण बनाता है। उन्होंने कहा कि नई चीज़ें सीखने के अलावा पुरानी चीज़ों को भूलना भी मायने रखता है क्योंकि पुरानी चीज़ों को भूलकर ही आप नई अवधारणाओं को सीख सकते हैं। इस मौके पर प्रोफेसर (डॉ) नीलू रोहमेत्रा ने संस्थान से जुड़े हर व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संस्थान के विकास में योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे आईआईएम सिरमौर लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है। कैसे इसने छात्रों, अध्यापकों एवं एडमिनिस्ट्रेशन के लिए प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए सबके विकास में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण के द्वारा समस्याओं को हल कर अवसरों में बदला जा सकता है। एक अ’छे लीडर को अहंकार को भूलकर महत्वाकांक्षाओं पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। सोमेन्द्र मट्टागजसिंह (जीएम, आईसीआईसीआई बैंक) ने लीडरशिप और मिलेनियल्स के बीच के संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी लीडरशिप में मुख्य भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि किस तरह आज की युवा पीढ़ी संगठनों के विकास में योगदोन दे सकती है। उन्होंने मूल्यों के संरक्षण और सतत इनोवेशन्स के महत्व पर ज़ोर दिया। इसके पैनलिस्ट्स मिस स्निग्धा मजूमदार (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, आईडीफाय) प्रकाश सिंह बिष्ट (डिप्टी जीएम, ज़ोनल एचआर हैड- नोर्थ, आईसीआईसीआई बैंक) और पंकज सुरी (डायरेक्टर-एचआर, एडलमैन इण्डिया) ने अपने निजी अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, प्रेरक एवं आशावादी दृष्टिकोण एक अच्छे लीडर के गुण हैं। नैतिक मूल्यों केे द्वारा ही हम अपने छात्रों को अच्छे भावी लीडर्स के रूप में विकसित कर सकते हैं।

 

 

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