नाजायज रिश्ते मेें बाधा बने अधेड़ की षडय़ंत्रपूर्वक हत्या मृतक की पत्नी और बहनोई गिरफ्तार

श्रीगंगानगर, 23 जून (का.सं.)। नाजायज रिश्ते को लगभग 10 वर्ष से सहन कर रहे शख्स ने जब पत्नी पर यह रिश्ता खत्म करने का दबाव डाला तो पत्नी ने अपने आशिक-नंदोई के साथ मिलकर उसे ही खत्म कर डाला। दोनों ने मिलकर इस शख्स की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को एक खेत में दफन कर दिया। कत्ल के इस घिनौने कांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने शनिवार को महिला और उसके आशिक-नंदोई को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश करने पर पांच दिन का रिमांड मिला है। इनकी निशानदेही पर पुलिस कल रविवार को खेत में दफन की हुई लाश को मजिस्टे्रट की मौजूदगी में बरामद करने की कार्यवाही करेगी। श्रीगंगानगर जिले में घमूड़वाली थाना क्षेत्र मेें नाजायज रिश्ते के चलते अधेड़ की हुई हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि आज सुबह करीब 40 वर्षीय मनजीत कौर और उसके आशिक-नंदोई मंगतसिंह (50) को गिरफ्तार किया गया। दोनों को पदमपुर की एक कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक चक 74 एलएनपी में अपनी बहन हरजिन्द्र कौर मजबी के पास उसका भाई बलजीतसिंह (45) पिछले करीब 20 वर्षांे से रहा रहा है। यह बलजीत सिंह एक पांव से विकलांग था और बेसाखी के सहारे चलता था। बलजीत सिंह विगत 26 मई को लापता हो गया। जब एक सप्ताह तक घर-परिवार वाले उसे तलाश नहीं कर पाये, तो चक 13 एमएल निवासी उसके भाई जसवीर सिंह ने घमूड़वाली थाने में चार जून को गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इस गुमशुदगी की जांच रिड़मलसर पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई दर्शन सिंह को सौंपी गई। पुलिस ने जब बलजीत सिंह के अचानक गायब हो जाने की जांच-पड़ताल करनी शुरू की, तो इसमें कईं चौका देने वाले खुलासे हुए। परत-दर-परत इस मामले की परतों को पुलिस ने बड़ी सूझबूझ व धैर्य के साथ खोला। करीब 20 दिन चली इस पड़ताल में पुलिस अपने मुकाम पर पहुंच गई। इसमें खुलासा हुआ कि बलजीत सिंह की हत्या को उसकी पत्नी मनप्रीत कौर और उसके बहनोई मंगतसिंह (मनजीत कौर का भाई) इन दोनों ने मिलकर गहरी साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया है।
दस वर्षां से अवैध सम्बंध : पुलिस ने बताया कि चक 13 एमएल निवासी बलजीत सिंह शादी के कुछ समय बाद ही अपनी बहन हरजिन्द्र कौर के पास चक 74 एलएनपी में जाकर रहने लगा। उसकी शादी पदमपुर के नजदीक चक 20 बीबी निवासी मनजीत कौर के साथ हुई थी। शादी के बाद मनजीत कौर के बलजीत सिंह से चार संतानें हुईं। इनमेें तीन लड़कियां व एक लड़का है। पुलिस के अनुसार लगभग 10 वर्ष पूर्व हरजिन्द्र कौर के पति मंगतसिंह के अवैध सम्बंध अपने साले बलजीत सिंह की पत्नी मनजीत कौर के साथ हो गये। आरम्भ में इनके सम्बंधों का किसी को पता नहीं चला, लेकिन दो वर्ष बाद ही इनके सम्बंधों की घर-परिवार वालों को भनक लग गई। इसके बाद इन दोनों में खुले रूप से अवैध सम्बंध हो गये। पैरों से दिव्यांग होने के कारण बलजीत सिंह अपनी बहन-बहनोई पर निर्भर था। अपनी इस मजबूरी के कारण वह खामौश रहा। उसे अपनी पत्नी के बहनोई के साथ अवैध सम्बंध होने के अपमान के घूंट भरने पड़े। जब अवैध सम्बंध खुले तौर पर हो गये तो मंगतसिंह लगभग 8 वर्ष पहले मनजीत कौर को लेकर जैसलमेर जिले में मोहनगढ़ इलाके में चक 11 बीएलएम में ले गया। वहां उसने जमीन हिस्सा काश्त पर ले ली। वहीं ढाणी बनाकर मंगतसिंह मनजीत कौर के साथ रहने लग गया। इधर, चक 74 एलएनपी में हरजिन्द्र कौर अपने बगाों और भाई के साथ रही। मंगतसिंह के भी चार संतानेें हैं, जिनमें तीन पुत्र व एक पुत्री है।
यह बना हत्या का कारण : पुलिस के अनुसार पिछले कुछ समय से मनजीत कौर पर परिवार के सदस्य एवं रिश्तेदार दबाव डाल रहे थे कि वह वापिस चक 74 एलएनपी में आकर अपने पति के साथ रहे। खुद बलजीत सिंह भी उस पर दबाव बनाये हुए था कि अब बगो बड़े हो गये हैं, इसलिए उसने बेगाती होने का वास्ता देकर मनजीत कौर को वापिस आ जाने के लिए कहा। इस पर मनजीत कौर-मंगतसिंह ने हमेशा के लिए बलजीत सिंह को रास्ते से हटा देने की योजना बना डाली। यह दोनों कईं दिनों से योजना बनाने का ताना-बाना रच रहे थे। सोच-विचार कर इन दोनों ने योजना बनाई, जिसके तहत बलजीत सिंह की हत्या को बड़ी सफाई से अंजाम दिया गया।
यह बनाया बहाना पुलिस के अनुसार योजना के तहत मनजीत कौर विगत 26 मई को श्रीगंगानगर आई। उसने फोन करके बलजीत सिंह को श्रीगंगानगर बुलाया। यहां आने पर बलजीत सिंह से मनजीत कौर ने बताया कि वह हमेशा के लिए चक 74 एलएनपी में आने को तैयार है। वह उसके साथ मोहनगढ़ चले, ताकि वहां से वह अपना सारा सामान ला सके। बलजीत सिंह उसी दिन ही मोहनगढ़ जाने को तैयार हो गया। यह दोनों श्रीगंगानगर से रात को बस द्वारा रवाना हो गये। अगली सुबह 27 मई को मंगतसिंह भी मोहनगढ़ के चक 11 बीएलएम में पहुंच गया। उसी दिन ही इन दोनों ने गला घोंटकर बलजीत सिंह को मार दिया। वहीं खेत में ही उसे दफना दिया। इसके बाद यह दोनों वहीं रहने लगे। जब बलजीत सिंह के गुम हो जाने पर घर वाले तलाश करने लगे, तब भी यह दोनों अंजान बने रहे।
तलाश शुरू होते ही गायब बलजीत सिंह के गुम होने की चार जून को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। सबसे पहले उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व लोकेशन को चैक किया गया। जांच के दौरान बलजीत सिंह के घर वालों ने ही नहीं, बल्कि अन्य रिश्तेदारों आदि ने उसके गायब होने के पीछे मनजीत कौर व मंगतसिंह का हाथ होने का अंदेशा जताया, तब पुलिस ने इनको पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस के सामने जाने की बजाय यह दोनों गायब हो गये। इसलिए इन पर शक गहरा गया। पुलिस के अनुसार इन दोनों को कल बीकानेर जिले में पूगल थाना क्षेत्र के गांव रामरा में टीकूराम नायक के घर से बरामद कर लिया गया। घमूड़वाली थाने में लाकर पूछताछ की गई, तो इन दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। इस पर पुलिस ने पूर्व में दर्ज गुमशुदगी के मामले को अपहरण में तब्दील कर दिया। इसके बाद बीती रात मनप्रीत कौर-मंगतसिंह से कड़ी पूछताछ की गई, तब उन्होंने बताया कि बलजीत सिंह की लाश को चक 11 बीएलएम में दफनाया हुआ है। थानाधिकारी मदनलाल बिश्रोई ने बताया कि आज सुबह इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस ब्लाइंड मर्डर केस को रिड़मलसर चौकी प्रभारी एएसआई दर्शन सिंह और उनकी टीम ने बड़ी सूझबूझ एवं धैर्य के साथ खोला है। दर्शन सिंह पूर्व में भी कईं ब्लाइंड मर्डर केसों की गुत्थी सुलझा चुके हैं। थानाधिकारी ने बताया कि आज रात इन दोनों मुल्जिमों को पुलिस टीम लेकर मोहनगढ़ रवाना हो गई। कल वहां मजिस्टे्रट की मौजूदगी मेें शव को निकालकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जायेगी। इस पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी की जायेगी।

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