नंदीशाला में पशुओं के मारे जाने की घटना की जांच की मांग

 

अनूपगढ़, 29 दिसम्बर (एजेन्सी)। श्रीगंगानगर में स्थित नंदीशाला में भूख से गोवंश की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग क्षेत्रीय गौशाला विकास समिति के पदाधिकारियों ने की है। इस सम्बंध में समिति द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री अशोकगहलोत को एक पत्र लिया गया है। इस पत्र में लिखा गया है कि राज्य सरकार द्वारा गांव मिरजेवाला में एक नंदीशाला की स्थापना विगत 4 वर्ष पूर्व की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य शहर के लावारिस एवं बेसहारा गोवंश को नंदीशाला में रखकर शहर को पशु रहित बना रहा था । विगत सितम्बर 2018 में इस नंदीशाला में भूख के कारण 15 से 20 गोवंश की अकाल मृत्यु हो गई थी। इस तथ्य को समाचार पत्रों में छापा गया था। इसके बाद अब 26 दिसम्बर को भी नंदीशाला में 10 से 12 गोवंश की भूख से अकाल मृत्यु की घटना हुई जोकि अत्यंत दु:खद है। क्षेत्रीय गौशाला विकास समिति के अध्यक्ष राधेश्याम बतरा ने कहा कि इस नंदी शाला में गो संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम 2016 द्वारा प्रचलित नियमों की अवहेलना की जा रही है। बतरा ने पत्र में बताया कि उनकी संस्था द्वारा सितम्बर 2018 में हुए प्रकरण को तत्कालीन जिलाधीश, आयुक्त नगर परिषद एवं संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग के भी ध्यान में लाया गया था, परंतु प्रशासन की शिथिलता के कारण यह नंदीशाला के प्रति लापरवाही बरती जा रही है, जिससे सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा है। पत्र में समिति के पदाधिकारियों ने लिखा कि उक्त घटना से शहर के सभी गौभक्तों, गोपालकों एवं गोशाला संचालकों में भारी रोष व्याप्त है। पत्र में मांग की गई कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाए व दोषी कर्मचारियों पर उचित कार्रवाही की जाए। महामंत्री सुभाष सरावगी ने कहा कि गाय हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है, गाय के साथ अन्याय पूर्ण व्यवहार से ना केवल हिंदुओं की भावना आहत होती है, अपितु समाज का वातावरण भी बिगड़ता है। पूर्व में 3 वर्ष पूर्व जयपुर में स्थित हिंगोलिया गौशाला में भी इस तरह का संकट उत्पन्न हो गया था, जिसका समाधान तत्कालीन राज्य सरकार ने एक सामाजिक संस्था को सौंपकर किया था।उन्होंने कहा कि उनकी संस्था श्रीगंगानगर जिले की 120 गौशाला पंजीकृत व अपंजीकृत का एकमात्र संगठन है, जोकि 1992 से गौशालाओं की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रयासरत है। नंदीशाला को इसे सुचारू रूप से चलाने में यदि कोई कठिनाई हो रही है, तो की संस्था सहयोग करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग उठाई गई है कि प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर एक नंदीशाला खोली जानी चाहिए, जिससे कि पशुओं की यह दुर्दशा ना हो और किसान भी परेशान ना हो, क्योंकि एक तरफ तो किसान पानी की मार से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ आवारा पशुओं द्वारा फसल की बर्बादी से परेशान है। हर पंचायत स्तर पर नंदीशाला खुलने से एक तरफ पशुओं की स्थिति में सुधार आएगा साथ ही किसान भी अपनी फसल की बर्बादी से मुक्त होगा। महामंत्री सुभाष सरावगी ने बताया कि मृत पशुओं के लिए हड्डा रोड़ी की व्यवस्था नहीं है, जिसके लिए बहुत परेशानी होती है, इसलिए हड्डा रोड़ी की व्यवस्था की जाए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *