देश में करोड़पतियों की संख्या 23.5 प्रतिशत बढ़ी, जानिए INCOME TAX रिपोर्ट में और क्या है

 

नई दिल्ली। देश में एक साल में करोड़पतियों की संख्या 23.5 प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि, करोड़पतियों की संख्या बढऩे के बावजूद उनकी सामूहिक आमदनी में गिरावट आई है। आयकर विभाग की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई है। उसके मुताबिक अपनी कर रिटर्न में एक करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी की घोषणा करने वाले लोगों की संख्या में तेज इजाफा हुआ है।

11 हजार से ज्यादा करोड़पति बढ़े: आयकर विभाग ने कर निर्धारण वर्ष 2015-16 (1 अप्रैल, 2014 से 31 मार्च 2015) के आंकड़े जारी किए। इससे पता चलता है कि 59,830 लोगों ने अपनी आय को वर्ष के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक बताया है। इन लोगों की कुल आमदनी 1.54 लाख करोड़ रुपये रही। इससे पहले निर्धारण वर्ष 2014-15 में एक करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले लोगों की संख्या 48,417 रही। इस तरह महज एक साल में देश में 11,413 करोड़पति बढ़े हैं।1.54 लाख करोड़ रुपये सबके पास: कर निर्धारण वर्ष 2015-16 में करोड़पतियों की कुल आमदनी 1.54 लाख करोड़ रुपये रही। इसके पिछले साल के मुकाबले उनकी कुल आमदनी में 50,889 करोड़ रुपये की कमी आई है। पिछले कर आकलन वर्ष में इन लोगों की कुल आय अधिक यानी 2.05 लाख करोड़ रुपये रही थी।
एक साल में दोगुना हुए देश में अरबपति

अरबपति भी बढ़े: कर निर्धारण वर्ष 2015-16 में सिर्फ एक व्यक्ति ऐसा था जिसकी आय 500 करोड़ रुपये से अधिक रही। इस व्यक्ति ने वर्ष के लिए 721 करोड़ रुपये की आय घोषित की। इससे पिछले साल इस श्रेणी में सात लोग शामिल थे, जिनकी सामूहिक आय 85,183 करोड़ रुपये थी। इसी तरह 100 से 500 करोड़ रुपये की आय की श्रेणी वाले व्यक्तिगत आयकरदाताओं की संख्या करीब दोगुना बढ़कर 31 पर पहुंच गई। इनकी सामूहिक आय 4,175 करोड़ रुपये रही। इससे पिछले साल ऐसे लोगों की संख्या 17 थी और उनकी कुल आय 2,761 करोड़ रुपये थी

4.07 करोड़ ने आयकर रिटर्न भरा: देश में 1.20 अरब नागरिकों में से निर्धारण वर्ष 2015-16 के दौरान 4.07 करोड़ ने आयकर रिटर्न भरा। इसमें से 82 लाख लोग ऐसे रहे जिनकी आमदनी शून्य या 2.5 लाख रुपये से कम थी। इससे पिछले निर्धारण वर्ष 2014-15 में कुल 3.65 करोड़ लोगों ने आयकर रिटर्न भरा। इनमें से 1.37 करोड़ लोगों की आय शून्य से 2.5 लाख रुपये अथवा उससे कम रही। निर्धारण वर्ष 2015-16 में सभी व्यक्तिगत आयकर दाताओं की सामूहिक आय 21.27 लाख करोड़ रुपये रही। इससे पिछले वर्ष में यह 18.41 लाख करोड़ रुपये रही थी। आकलन वर्ष 2015-16 में सबसे अधिक 1.33 करोड़ लोग 2.5 से 3.5 लाख रुपये की वार्षिक आय के दायरे में थे। आकलन वर्ष 2015-16 में 1,156 लोग ऐसे थे जिनकी वार्षिक आय 10 से 25 करोड़ रुपये थी।इस साल के दौरान 55,331 लोग ऐसे थे जिनकी आय एक से पांच करोड़ रुपये के बीच रही। इसके साथ ही 3,020 लोग ऐसे थे जिनकी आय पांच से 10 करोड़ रुपये थी।

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