देश की रेटिंग सुधरने से सस्ता होगा कर्ज!

नई दिल्ली। अमेरिकी के्रडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज की तरफ से भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने से कर्ज की लागत घटेगी। इससे कॉरपोरेट जगत के साथ-साथ आम लोगों को भी फायदा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का तो कम से कम ऐसा ही मानना है।अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वालों का कहना है कि रेटिंग बढऩे से भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी उधारी थोड़ी सस्ती हो जाएगी। पूरी वित्तीय प्रणाली के लिए पूंजी की लागत घटेगी और अंतत: कर्ज सस्ता होगा, हालांकि इसमें वक्त लगेगा। लेकिन उन कॉरपोरेट्?स को फौरन फायदा होगा जिनकी रेटिंग अच्छी है। नेशनल हाउसिंग बैंक के एमडी व सीईओ श्रीराम कल्याणमरण ने कहा, ‘सॉव्रिन रेटिंग अपग्रेड से भारत पर भरोसे का संकेत मिलता है। इससे पक्के तौर पर भारतीय कंपनियों के लिए फंड की लागत घटेगी।

रेटिंग बढऩे के मायने: कल्याणमरण के मुताबिक जब कभी कोई अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी सॉव्रिन रेटिंग बढ़ाती है तो यह देश की आर्थिक नीतियों पर भरोसे का संकेत होता है। जब हमारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार से कर्ज लेती हैं उसवक्त इसका परोक्ष सकारात्मक असर नजर आता है। लंबी अवधि में पूरी बैंकिंग प्रणाली पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव होता है।

बढ़ेगा विदेशी निवेश: अवेंडस कैपिटल के सह-संस्थापक, एमडी व सीईओ रानु वोहरा ने कहा, ‘यह भारत के लिए उभरते बाजार वाले देशों के बीच मजबूती से खड़ा होने का मौका है। अब विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ेगा। वे निवेश बढ़ाएंगे, जिसकी जरूरत दुनिया की हर अर्थव्यवस्था को होती है।’ वोहरा ने कहा कि भारत की सॉव्रिन रेटिंग में ऐसे समय सुधार हुआ है, जब आसान कारोबार के मामले में भारत की स्थिति 30 पायदान सुधरी है।अब वैसे विदेशी निवेशक भारत का रुख करेंगे जो यहां पूंजी लगाने के लिए सही वक्त का इंतजार कर रहे थे। बुनियादी ढांचा क्षेत्र को विदेशी पूंजी की जरूरत है।
तत्काल असर: बैंकिंग, ऑटो, मेटल शेयरों में तेज: बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा, रियल्टी, कंज्यूमर ड्?युरेबल्स और पावर शेयरों में तेजी आई। बैंक निफ्टी 1.1 फीसदी चढ़ गया और सरकारी बैंकों का इंडेक्स 1 फीसदी बढ़त पर बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो व फार्मा इंडेक्स 0.9 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स 0.8 फीसदी और मेटल इंडेक्स 1.9 फीसदी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि रुपया मजबूत होने की वजह से आईटी कंपनियों के शेयर बिकवाली के दबाव में रहे।
आर्थिक नीतियों पर भरोसा: जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, ‘इससे निवेश के लिए शानदार बाजार के तौर पर भारत की पहचान को मजबूती मिली है। यह एक तरह से भारत सरकार की आर्थिक नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय जमात के भरोसे की मुहर है। बाजार नियामक सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी ने कहा कि यह हकीकत है कि सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल में बहुत सारे सुधार किए हैं। मूडीज ने अंतत: इन कदमों को मान्यता दी और रेटिंग में सुधार किया। हालांकि यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था, फिर भी इससे प्रमाणित होता है कि जो भी सुधार किए गए हैं।

 

 

 

 

 

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