भारत में अलीबाबा को नहीं चाहिए फटाफट ग्रोथ

शंघाई। भारत का ई-कॉमर्स मार्केट अभी बिखरा हुआ है। इसे मैच्योर होने में कुछ समय लगेगा। चीन के ऑनलाइन मार्केटप्लेस दिग्गज अलीबाबा के टॉप एग्जिक्युटिव ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि अभी उनकी कंपनी का इरादा वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट और एमेजॉन जैसे कंपनियों से मुकाबला करने का नहीं है। रविवार को कंपनी की 11.11 शॉपिंग फेस्टिवल के दौरान अलीबाबा ग्रुप के एग्जिक्युटिव वाइस चेयरमैन और को-फाउंडर जोसफ सी साई ने कहा, ‘भारत हमारे लिए ऐसा मार्केट है, जहां हम बहुत सावधानी से बढऩा चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘इंडियन मार्केट का साइज बढऩे में अभी समय लगेगा।चीन की ई-कॉमर्स कंपनी ने 24-घंटे की सालाना मेगा सेल इवेंट अभी खत्म की है। इसमें उसने पिछले साल के 25.3 अरब डॉलर के मुकाबले इस साल 30.8 अरब डॉलर के सामानों की बिक्री की। कंपनी ने भारत में पेटीएम को ऑपरेट करने वाली वन97 कम्युनिकेशंस, ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टार्टअप बिग बास्केट, ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील और ऑनलाइन फर्म जोमैटो जैसी कंपनियों में अब तक कोई 2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। चीन की कंपनी ने हाल में भारत में एक अन्य डेटा सेंटर की भी शुरुआत की है। नए रिटेल कॉन्सेप्ट के तहत वह देश के रिटेल सेक्टर की कंपनियों के साथ काम करने के मौके तलाश रही है। जोसफ साई के मुताबिक, इंडियन ई-कॉमर्स मार्केट अभी अपने कुल आकार के 10वें हिस्से यानी करीब 20 अरब डॉलर पर ही पहुंच पाया है जो कि चीन के मुकाबले काफी पीछे है। उन्होंने कहा, ‘भारत एक कॉम्प्लेक्स मार्केट है। यहां अलग-अलग राज्यों में अलग कायदे-कानून हैं। हम हमेशा से कहते आ रहे हैं कि चीन के यूनिफाइड मार्केट के मुकाबले भारत एक बिखरा हुआ मार्केटप्लेस है। अलीबाबा के एक दूसरे एग्जिक्यूटिव ने बताया कि बिजनेस-टु-कंज्यूमर के अलावा कंपनी भारत में सफल होने के लिए पेमेंट बिजनस पर फोकस करेगी। अलीबाबा ग्रुप के सीईओ डेनियल जैंग ने बताया, ‘पक्के तौर पर मेरा मानना है कि हम भारत में कंज्यूमर-टु-कंज्यूमर या बिजनस-टु-कंज्यूमर जैसे पुराने ई-कॉमर्स मॉडल को दोहराना नहीं चाहते। मेरा मानना है कि भारत में मौका हासिल करना इस पर निर्भर करेगा कि हम पेमेंट्स को कितनी अहमियत दे रहे हैं। ग्रुप के वाइस चेयरमैन जोसफ साई का कंपनी के पेमेंट बिजनेस के ऊपर सबसे अधिक जोर है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पेटीएम में निवेश करने से कंपनी को इंडियन कंज्यूमर के खर्च करने के तरीकों और शॉपिंग पैटर्न को काफी करीब से जानने का मौका मिला। साई ने बताया, पेटीएम में हमारा निवेश बढिय़ा रहा है। हमारा मानना है कि पेमेंट बिजनेस में हिस्सेदारी से हमें मार्केट को समझने में मदद मिलेगी। कई सारे जगहों पर इसका इस्तेमाल होता है। इससे यह जानने में भी मदद मिलेगी कि भारत के कंज्यूमर इंटरनेट पर कैसे बातचीत करते हैं।’

 

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