आरयूजे समूह ने एसआरएम टेक्नोलॉजीज एजी के साथ स्विस प्रीसिशन एंड असेंबली प्लांट का किया उद्घाटन

नई दिल्ली, 26 मार्च (एजेन्सी)। भारत की मेक इन इंडिया पहल व मैकेनिकल इंजीनियरिंग से जुडे उद्योग अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल करने, वैश्विक मानकों के उच्च गुणवत्ता के उत्पादों का उत्पादन करने व वैश्विक मूल्य शृंखला में भागीदारी करने का प्रयास करते हैं। इस पहल को सार्थक व असरदार बनाने के लिए स्विट्जरलैंड आधारित वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र जोशी व उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ( आरयूजे समूह ) ने जयपुर, राजस्थान में स्विट्जरलैंड आधारित कंपनी के संयुक्त उद्यम में भारत की अपनी तरह की पहली स्विस प्रीसिशन एंड असेबली यूनिट की स्थापना की है। आरयूजे एंड एसआरएम मैकेनिक्स ( संक्षेप में, आरएस इंडिया ) राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी स्किल डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड व एक स्विस कंपनी एसआरएम टेक्नोलॉजीज एजी का संयुक्त उद्यम है। आरएस इंडिया का लक्ष्य है विनिर्माण उद्योग को मैटल एनोडाइजिंग, पेंटिंग व हीट ट्रीटमेंट, आदि के मूल्यवर्धन समेत उच्च परिशुद्धतापूर्ण धातु के पुर्जों की उनकी जरूरत के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान मुहैया कराना। इसका लक्ष्य है स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, आटोमोटिव, पौलीमैकेनिकल, मशीन आटोमेशन, लैबोरेटरी तकनीक, फोटो तकनीक व एयरोस्पेस, आदि जैसे क्षेत्रों को विनिर्माण समाधान मुहैया कराना जहां अंतिम उत्पाद में हाई प्रीसिशन पाटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक व आरयूजे समूह के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र जोशी ने कहा, भारत में कई क्षेत्रों में प्रीसिशन पाटर्स की अच्छी मांग है व प्रीसिशन पाटर््स के विनिर्माताओं की अपेक्षाकृत बड़ी संख्या के बावजूद यह क्षेत्र आयात पर निर्भर है। आटोमोटिव, स्वास्थ्य सेवा, रसद, इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों जैसे अर्थव्यवस्था के मुख्य क्षेत्रों के विकास व विस्तार के लिए प्रीसिशन पाटर्स के विनिर्माण में निवेश आवश्यक है। भारत में अवसर को देखते हुए हम अंतरराष्ट्रीय मशीनरी व तकनीक युक्त विश्वस्तरीय संयंत्र के साथ स्विस प्रीसिशन और असेंबली सॉल्यूशन भारत में मुहैया करा रहे हैं। यह नया उद्घाटित स्विस प्रीसिशन एंड असेंबली प्लांट शुरुआत में एसआरएम टेक्नोलॉजीज से प्राप्त कार्यदेशों को पूरा करेगा क्योंकि उनका स्विट्जरलैंड संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता पर कार्य कर रहा है और उसके पास 2 वर्षों के कार्यादेश पहले से ही हैं। सीमेंस, रौशे, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, सिका, लीका, ऑडी व मैटलेयर जैसी कई वैश्विक प्रशंसित कंपनियां स्विट्जरलैंड में एसआरएम टेक्नोलॉजीज की नियमित ग्राहक हैं। अब भारत में समान उत्कृष्टता के साथ नवनिर्मित संयंत्र उन्हीं कंपनियों के लिए प्रीसिशन पाटर््स तैयार कर कार्यादेश के अनुरूप निर्यात करेगा। स्विट्जरलैंड की एसआरएम टेक्नोलॉजीज एजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पीटर स्ट्रेबेल ने कहा, विकासशील देशों के बीच प्रतिस्पर्धा और कड़ी होती जा रही है और हाल के कीमत बढ़ाने वाले व भारतीय एवं स्विस उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम करने वाले आर्थिक लाभों को लेकर भारतीय उत्पादक घाटे में हैं। अपनी बढ़त को कायम रखने के लिए भारतीय विनिर्माता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कुशल व प्रभावी उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। इन बदलावों को अपनाते हुए सभी औद्योगिक क्षेत्रों के उत्पादक लगातार उत्पादन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने व सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। भारत में आने के बाद अब हम एसआरएम की उत्कृष्टता का उपयोग करते हुए आरएस इंडिया को इन चुनौतियों से उबरने में मदद करेंगे। आरएस इंडिया में मिलिंग, टर्निंग, स्विस स्टाइल लेथ व टर्निंग, सरफेस ग्राइंडिंग, सिलिंड्रिकल ग्राइंडिंग, पंचिंग, लेजर कटिंग, हीट ट्रीटिंग, एनोडाइजिंग, प्लांटिंग, पाउडर कोटिंग, डायरैक्ट मटीरियल लेजर सिंटरिंग (डीएमएलएस), इंजैक्शन मोलिंडग जैसी विनिर्माण प्रक्रियाएं आस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, जर्मनी व जापान से आयातित तकनीकी तौर पर उन्नत मशीनरियों के माध्यम से उपलब्ध हैं।

 

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