राज्य सरकार द्वारा नदियों को जोडऩे की योजनाओं पर कार्य प्रगतिरत-शेखावत

जयपुर, 15 फरवरी (एजेन्सी)। उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा नदियों को जोडऩे की तीन योजनाओं पर कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने बताया कि इनमें से दो योजनाओं के लिए डीपीआर बनाई गई है तथा तीसरी योजना की डीपीआर बनाने का कार्य प्रगतिरत है। शेखावत सदन में प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जल संसाधन मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना प्रदेश की एक महत्वाकां परियोजना है, जिसमें दक्षिण राजस्थान की नदियों के अधिशेष पानी को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कम उपलब्धता वाले बेसिन में हस्तांतरित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में मानसून के दौरान पार्वती, कालीसिंध, मेज नदी के अधिशेष पानी को बनास, मोरेल, बाणगंगा, गंभीर, पार्वती नदियों में पहुंचाने की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में भरतपुर भी शामिल है तथा इस पर कार्य प्रगतिरत है। उद्योग मंत्री ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना में प्रदूषित जल के मिलने की समस्या पर कहा कि इसे लेकर राज्य सरकार गंभीर है और केन्द्र समेत कई स्तरों पर चिंताओं का समाधान करने का प्रयास किया गया है। शेखावत ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई नदियों की जोडऩे की परियोजना के तहत साबरमती बेसिन के अधिशेष जल को जवाई बांध में अपवर्तित किए जाने की योजना भी है। साथ ही ब्राह्मणी नदी के अधिशेष पानी को बीसलपुर बांध में लाने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इससे पहले विधायक विजय बंसल ‘पप्पू बन्डा के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए शेखावत ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश की नदियों को जोडऩे हेतु दो योजनाओं के लिए डीपीआर बनाई गई है तथा तीसरी योजना की डीपीआर बनाने का कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नदियों को जोडऩे का कार्य स्वीकृति उपरांत वित्तीय संसाधन उपलब्धतानुसार करवाया जाना प्रस्तावित है। उद्योग मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा नदियों को जोडऩे के अन्तर्गत 31 दिसम्बर, 2017 तक की गई कार्यवाही का विवरण भी सदन की मेज पर रखा। उन्होंने नदियों को जोडऩे के अन्तर्गत दिसम्बर तक डीपीआर तैयार किये जाने के लिए करवाये गये कार्यों पर किये गये व्यय का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा नदियों को जोडऩे के लिए डीपीआर तैयार किये जाने के कार्य के लिए आवंटित एवं व्यय की गई राशि का विवरण भी सदन की मेज पर रखा।

 

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