पर्यावरण सुरक्षा के लिये सहकारिता की पहल राज्य में आज से लगाये जायेंगे एक लाख पौधे अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस

जयपुर, 6 जुलाई (का.सं.)। राज्य की 20 हजार से अधिक सहकारी संस्थाओं द्वारा एक लाख पौधों का रोपण किया जायेगा। सहकारिता विभाग द्वारा यह पहल इस वर्ष 7 जुलाई को आयोजित होने वाले अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर की गई है। शीर्ष सहकारी संस्थाओं द्वारा 10-10 पौधों तथा अन्य सभी सहकारी संस्थाओं द्वारा 5-5 पौधों का रोपण किया जायेगा। यह जानकारी सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं द्वारा 96वें अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस तथा 24वें यूएन डे ऑफ कोऑपरेटिव्स का आयोजन 7 जुलाई को किया जायेगा। इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस ”सतत उपभोग एवं उत्पादन की थीम तथा ”सहकारिता के माध्यम से सतत समाज स्लोगन के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों एवं पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए 7 जुलाई से विभाग द्वारा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से 1 लाख से अधिक पौधे लगाये जायेंगे।
राइसेम, जयपुर में होगा राज्य स्तरीय समारोह प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह सहकारिता मंत्री के मुख्य आतिथ्य में झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राइसेम परिसर में प्रात: 9 बजे आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि समाज के सतत विकास के लिये सहकारिता के माध्यम से पौधारोपण जैसा कार्य आने वाली पीढिय़ों के विकास में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि पौधारोपण में सभी सहकारी संस्थाओं जिनमें शीर्ष सहकारी संस्थायें, जिला स्तरीय एवं प्राथमिक सहकारी संस्थाओं द्वारा भाग लिया जायेगा।रोपित पौधों की 5 वर्ष तक की जायेगी देखभाल रजिस्ट्रार, सहकारिता राजन विशाल ने बताया कि संस्थाओं द्वारा रोपण किये गये पौधों की देखभाल लगातार 5 वर्ष तक सुनिश्चित की गई है। पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिये पौधा गोद लेने वाले नामित का नाम डिसप्ले किया जायेगा। रोपित पौधों की समय-समय पर मॉनिटरिंग एवं उसकी देखभाल की जिम्मेदारी के लिये संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी नियुक्त किये जायेंगे।सबसे अधिक जीवित पौधों के आधार पर मिलेगा प्रति वर्ष पुरस्कार विशाल ने बताया कि सहकारिता के माध्यम से पर्यावरण सुरक्षा के लिये इस मुहिम को सफल बनाने एवं आमजन को जागरूक करने के लिये रोपित होने वाले पौधों की जीवितता की त्रैमासिक रिपोर्ट भी मंगवाई जायेगी जिसमें संभाग स्तर पर पौधों की जीवितता के आधार पर वर्ष में एक बार पुरस्कार देने का भी निर्णय किया गया है।

 

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