क्षमता विकास से जनसम्पर्क कर्मी अपने काम को और बेहतर बनाएं-जे.सी. महान्ति

जनसम्पर्क कर्मियों की तीन दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप का शुभारंभ

जयपुर, 15 जून (का.सं.)। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. महान्ति ने कहा कि क्षमता विकास से जनसम्पर्क कर्मी अपने काम को और बेहतर बना सकते हैं एवं उन्हें अपनी विश्वसनीयता बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए एवं लोगों से भी फीडबैक लेकर कार्य प्रणाली में सुधार करना चाहिए। महान्ति ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसम्पर्क कर्मियों के लिए यूनिसेफ और जनसंचार केन्द्र राजस्थान विश्वविद्यालय के सहयोग से 17 जून 2018 तक आयोजित की जा रही तीन दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशाप के शुभारंभ के अवसर पर संभागियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की वर्कशॉप्स का उन्हें पूरा लाभ लेना चाहिए उन्होंने बताया कि जनसम्पर्ककर्मियों को जटिल भाषा से बचना चाहिए और सरल शब्दों में सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जनसम्पर्क कर्मियों को वैज्ञानिक तरीके से प्रश्नावली का निर्माण कर लाभार्थियों के विचारों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। महान्ति ने बताया कि जनसम्पर्क कर्मियों को सावधानीपूर्वक जानकारियों को इक करके लक्षित समूह तक पहुंचानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसम्पर्क कर्मियों को रचनात्मकता के साथ काम करना चाहिए। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के आयुक्त डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि जनसम्पर्ककर्मी का कार्य सेतु का होता है जो काफी महत्वपूर्ण है। आम नागरिकों तक जन कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाना जनसम्पर्ककर्मी का मुख्य कार्य है। उन्होंने बताया कि जनसम्पर्ककर्मी को वर्तमान परिस्थितियों में सरल भाषा में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर जनसम्पर्क स्थापित करना चाहिए। हर जनसम्पर्ककर्मी को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की वर्कशॉप हर जनसम्पर्ककर्मी की क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रथम सत्र में सीनियर स्पेशलिस्ट (पीआर) प्रोफेसर जय जेठवानी ने जनसम्पर्क कर्मियों के काम करने के तरीके और उसमें सुधार के तरीके बताते हुए कहा कि जनसम्पर्ककर्मी अपनी स्किल्स में सुधार करके खुद को बेहतर बना सकते हैं। अच्छे जनसम्पर्ककर्मी में किताबें पढऩे की आदत होनी चाहिए। उसमें संवाद की कला होनी चाहिए। उसे ज्यादा से ज्यादा विषयों पर लिखने का अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने वर्तमान में जनसम्पर्क के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर विस्तार से प्रकाश डाला और जनसम्पर्क कर्मियों को सजगता के साथ काम करने के तरीकों के बारे में समझाया। उन्होंने जनसम्पर्क कर्मियों को रणनीति के साथ संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वर्कशॉप के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जनसंचार केन्द्र के प्रभारी डॉ. संजीव भानावत, यूनिसेफ की सुचरिता वर्धन, आईआईएमसी की पूर्व प्रोफेसर जय जेठवानी, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की संयुक्त निदेशक अलका सक्सेना और सहायक निदेशक (क्षेत्र प्रचार) सु नर्बदा इंदौरिया,भी उपस्थित थे।

 

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