विकासशील देशों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं अमीर मुल्क

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) का मानना है कि विकासशील देशों में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए दुनिया के अमीर मुल्क ही काफी हद तक जिम्मेदार है। उसके अनुसार, रिश्वतखोरी व मनीलांड्रिंग रोकने में नाकामी या कंपनियों में गुमनाम स्वामित्व को बढ़ावा देकर धनी देश विकासशील राष्ट्रों में भ्रष्टाचार को प्रश्रय देते हैं। मुद्रा कोष ने रविवार को जारी अपने नए दिशानिर्देश में इस समस्या से निजात पाने की जरूरत पर बल दिया है। आइएमएफ का कहना है कि नए दिशानिर्देश के तहत वह सदस्य देशों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार व आर्थिक विकास पर उसके कुप्रभाव का योजनाबद्ध तरीके से मुकाबला करेगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्ड के मुताबिक, हम जानते हैं कि भ्रष्टाचार से गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। यह आर्थिक अवसर एवं सामाजिक गतिशीलता को बाधित करता है।इससे उत्तरदायी संस्थाओं के प्रति विश्वास में कमी आती है तथा सामाजिक विखराव में बढ़ोतरी होती है। वह आगे बोलीं, अब हमने सुशासन और भ्रष्टाचार उन्मूलन पर आपसी तालमेल बढ़ाने को लेकर एक ढांचा लागू किया है। इसका मकसद सदस्य देशों के साथ इस पर अधिक योजनाबद्ध और प्रभावी तरीके से काम करने को बढ़ावा देना है।यह दिशानिर्देश ऐसे समय आया है, जब अरबों डॉलर की आर्थिक मदद रुकने के बाद यूक्रेन आइएमएफ की निगरानी में भ्रष्टाचार निरोधक कड़े आर्थिक सुधार लागू कर रहा है। मुद्रा कोष के नए प्रावधान एक जुलाई से लागू होंगे। आइएमएफ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि नए दिशानिर्देश के चलते लोन देने को लेकर सदस्य देशों पर कड़ी शर्तें नहीं लादी जाएंगी।

 

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