इंटरनेशनल स्पाइस कॉन्फ्रेंस का तीसरा संस्करण आयोजित

जयपुर। विश्वभर में स्पाइस इंडस्ट्री के सबसे महत्वपूर्ण आयोजन में से एक इंटरनेशनल स्पाइस कॉन्फ्रेंस के तीसरे संस्करण का समापन आज होटल क्राउन प्लाजा में हुआ। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों, 50 देशों के उद्योग जगत के नेताओं, अंतरराष्ट्रीय स्पाइस संघों के प्रतिनिधि, नीति निर्माताओं, किसानों और उपभोक्ताओं से संबंधित लगभग 750 प्रतिनिधि शामिल हुये। इस 4 दिवसीय कॉन्फ्रेंस में प्रभावी रणनीतियों और नवीन प्रौद्योगिकियों पर विचार-विमर्श किया गया, जो टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, मसाला किसानों की आजीविका में सुधार, मसाला उद्योग की चुनौतियों का समाधान, खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं और मांग आपूर्ति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।इस सम्मेलन का उद्घाटन सुश्री अर्चना गॉनसल्विस, कार्यकारी निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र, जिनेवा ने की तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ.त्रिलोक मोहपात्रा, अखिल भारतीय मसाला निर्यातक फोरम के अध्यक्ष प्रकाश नंबूडिरी, वाणिज्य और उद्योग के कोचिन चौंबर के अध्यक्ष शाजी वर्गीसे, व्यापार और सम्मेलन समिति राजीव पालीचा, एस. शिवकुमार, ग्रुप हेड-एग्री एंड आईटी बिजनेस, आईटीसी लिमिटेड ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। अखिल भारतीय मसाले निर्यातक फोरम के अध्यक्ष प्रकाश नंबूडिरी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि, जब खाद्य सुरक्षा मानक लगातार बदल रहे हैं और औद्योगिक वातावरण निरंतर विकसित हो रहा है, तो हितधारकों द्वारा उद्योग की चिंता और असंतुलन को संबोधित करना एक विकल्प नहीं है।बल्कि एक आवश्यकता है। इसके अलावा फसलों की स्थिरता सुनिश्चित करना और किसानों की आजीविका में सुधार भी एक सामूहिक जिम्मेदारी बन जाती है। इस संदर्भ में हमें विश्वास है कि अंतर्राष्ट्रीय मसाले सम्मेलन के तीसरे संस्करण का नतीजा इस उद्देश्य से पूरा करेगा। यह सम्मेलन अखिल भारतीय मसाले निर्यातक फोरम (एआईएसईएफ) द्वारा आयोजित किया गया है जो कोचीन चौंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से भारत से 80 फीसदी मसाले निर्यात का प्रतिनिधित्व करता है।खाद्य उद्योग, मसालों और जड़ी-बूटियों के उद्योग, सामग्री निर्माण और सुगंध और फ्लेवर उद्योग, किसान, प्रोसेसर, व्यापारियों, परीक्षण और विनियामक प्राधिकारियों, भोजन और संबद्ध सेवाओं के संगठनों के प्रतिनिधियों, आतिथ्य उद्योग और संबंधित सरकारी कर्मचारी भी इस आयोजन का हिस्सा हैं। इस चार दिवसीय सम्मेलन में मल्टी ट्रैक सत्र (सेशन) और पैनल डिसक्शन (विचार-विमर्श) हुये जोकि मसाला क्षेत्र से जुड़े मौजूदा मुद्दों और विषयों पर आधारित थे। इसमें ग्राहक उन्मुख खेती, बदलते बाजार परिदृश्य, वैश्विक मसाला उद्योग, कार्बनिक मसाले, स्थिर मसालों की पहल, रणनीतिक हितधारकों के बीच सहयोग, संचालन हितधारकों, फसलों, बाजार और विभिन्न मसालों और बैठक के लक्ष्यों पर ओपन डिसक्शन का आयोजन किया गया। आईएससी 2018 के तहत सीधे तौर पर बाजार से जानकारी जुटाएगा। इसके अलावा सीधे तौर पर खेतों में जाकर ऑडियो, विजुअल प्रेजेंटेशन यानि चलचित्र द्वारा ताजा अनुसंधानों और अध्ययन की जानकारी दी गई।

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