इंटेक्स टेक्नोटलॉजीज ने किया पर्यावरण संरक्षण मुहिम का शुभारंभ

जयपुर। इंटेक्स टेक्नोलॉजीज ने जयपुर से गो ग्रीन नाम के अखिल-भारतीय ई-वेस्ट संग्रहण अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान हमारे इर्द-गिर्द लगातार बढ़ रहे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के कचरों से उत्पन्न खतरों के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में है। गौरतलब है कि इंटेक्स टेक्नोलॉजीज अग्रणी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं में एक है। इस पहल को समर्थन करने के लिए, पीएचडी चौंबर ऑफ कॉमर्स (राजस्थान चौप्टर), राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जयपुर रोटरी क्लब एक अधिक स्वस्थ पर्यावरण और समाज के लिए इंटेक्स के गो ग्रीन अभियान से जुड़े हैं। इस कार्यक्रम में इंटेक्स टेक्नोलॉजीज के डीजीएम-सर्विसेस, सीडीआइटी बिजू अब्राहम, रोटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर श्री अरविंद बत्रा माननीय अतिथियों में शामिल थे।इंलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माता इंटेक्स ई-वेस्ट (प्रबंधन) कानून, 2016 के अनुसार अपने गो ग्रीन अभियान के तहत ई-कचरों का चरणबद्ध संग्रहण शुरू करेगी। इस अभियान के लागू होने के दो साल के दौरान उत्पादित ई-कचरे का 30 प्रतिशत इक_ा किया जाएगा और धीरे-धीरे इसको 70 प्रतिशत से ऊपर ले जाया जाएगा। इसके लिए इंटेक्स ई-वेस्ट प्रबंधन पर जन-जागरूकता अभियान चलाएगी। ई-वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण हो सके, इसके लिए इंटेक्स द्वारा प्रमुख विद्यालयों, कॉलेजों, आवासीय समुदायों और संस्थानों से गठबंधन किया जायेगा। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए लोगों को उत्साहित करने और ई-कचरे को बाहर निकालने के लिए, इंटेक्स स्मार्टवल्र्ड स्टोर्स पर अपने उत्पादों पर विशेष छूट देगी। जयपुर शहर में 3 स्टोर के साथ राजस्थान में कुल आठ स्मार्टवल्र्ड स्टोर हैं। इसके अलावा, इंटेक्स ने जयपुर शहर में 11 केंद्रों के साथ राजस्थान में 84 ई-वेस्टद संग्रहण केंद्र भी स्थापित किए हैं। ई-वेस्ट अभियान के शुभारंभ पर इंटेक्स टेक्नोलॉजीज के डीजीएम-सर्विसेस, सीडीआइटी श्री बिजू अब्राहम ने कहा, ‘एक जिम्मेदार उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादक होने के नाते, इंटेक्स के पास पर्यावरण सुरक्षा का स्पष्ट लक्ष्य है। साथ ही यह समाज और ग्राहकों की मदद करना चाहती है कि वह ई-वेस्ट् की अनदेखी स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रहें। अगर आज इस समस्या को न समझा गया और न ही इसका हल ढूंढ़ा गया, तो यह पूरी दुनिया में आने वाली पीढिय़ों के लिए एक महामारी बन जाएगी। हम बहुत खुश हैं कि हमें राज्य प्रशासन, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पीएचडीसीसीआई का महत्वपूर्ण सहयोग मिला और हमें पक्काि भरोसा है कि जयपुर से शुरू होने वाला यह अभियान पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू होगा। इंटेक्स अपने सहयोगी संगठनों के साथ इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल सामानों के प्रबंधन के लिए पर्यावरण सुरक्षा के सभी परिदृश्यों को लगातार बेहतर बनाने के लिए काम करती रही है। अखिल भारतीय संग्रहण व्यवस्था के लिए, इंटेक्स ने पुनर्चक्रण करने वाली एक कंपनी एक्जिगो री-साइकिलिंग के साथ साझेदारी की है। हमारी अंदरूनी प्रक्रिया के अनुसार, राजस्थान और साथ ही पूरे देश में इस पुनर्चक्रण साझीदार को साफ जनादेश दिया गया है और शुरू से लेकर अंत तक कचरे का पुनर्चक्रण करने की जिम्मेदारी इसकी होगी। ई-वेस्ट ऐसी समस्या नहीं है, जो जल्द खत्म हो जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उत्पादों के इस्तेमाल में बढ़ते खतरे के साथ, यह आशंका और गहराती जा रही है। एसोचौम के एक अध्ययन के अनुसार, ई-वेस्टी हर साल 33 प्रतिशत की संचयी दर से इकट्टा होता जा रहा है और पूरे भारत में इसका उत्पादन हो रहा है और इसे फेंका भी जा रहा है। ऐसे में, यह कहा गया है कि अगले दशक में ई-वेस्ट में 500 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

 

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