क्या आपका पार्टनर भी आपसे झूठ बोल रहा है? बिना ड्रामा किए जानिए कैसे पकडऩा है उनका झूठ

झूठ कोई ऐसी बला नहीं है, जिसका हमने कभी सामना नहीं किया है और न ही कोई ऐसा अपराध जो हमने न किया हो। इसके बावजूद कुठ झूठ रिश्तों को कमजोर कर देते हैं।हमें अक्सर यह संदेह रहता है कि हमारा पार्टनर या कोई अन्य व्यक्ति हमसे झूठ बोल रहा है और हमें धोखा दे रहा है। लेकिन उन पर सीधे तौर पर आरोप लगाना सही नहीं है। यह निर्धारित करना कि कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है या नहीं, काफी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में बेहतर है कि उनके झूठ के बारे में पता लगाने के लिए आप कुछ ऐसा करें कि जिससे उनके झूठ का भी पता चल जाए, और हम अनजाने में उन्हें कोई दुख भी न पहुंचाएं।हम आपको आज 4 ऐसे टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जो आपको यह जानने में मदद कर सकते हैं, कि आपका पार्टनर या कोई अन्य व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है।
शुरुआत से ही उन पर आरोप न लगाएं-किसी भी बॉडी लैंग्वेज के साथ, जैसे बाहें फैलाना या मुस्कुराहट का गलत मतलब निकाला जा सकता है। यहां तक कि अगर आपको लगता है कि कोई व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है, तो उसके सामने उस पर आरोप न लगाएं। ऐसा करने से आमतौर पर व्यक्ति पागलपन जैसा बर्ताव कर सकता है, ऐसे में उन्हें अपने बचाव में कुछ कहने, और इस पर अधिक बातचीत की संभावना कम होगी।इसके बजाए विषय को छोड़ दें, असंबंधित बातचीत करें और अगले दिन इसे फिर से आकस्मिक रूप से सामने लाएं। यदि उस समय में कहानी में विवरण बदलते हैं, तो यह एक संकेत हो सकता है कि यह झूठ था। उनके बेसलाइन बिहेवियर का विश्लेषण करें-झूठ पकडऩे के लिए शरीर की हरकतों, चेहरों के भाव और संकेतों के विपरीत, विशेषज्ञों का मानना है कि झूठ बोलने का कोई सार्वभौमिक संकेत नहीं है। बताए गए तरीके अलग-अलग व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यह पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है या नहीं, इसके लिए उनके बेसलाइन मूवमेंट और अभिव्यक्तियों का विश्लेषण करें।विशेषज्ञों के अनुसार जब आप किसी व्यक्ति की बेसलाइन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो यह आमतौर पर तब होता है जब वे उस स्थिति में कार्य कर रहे होते हैं, जहां उन्हें झूठ नहीं बोलना पड़ता है। ऐसे में आप उनसे मानक प्रश्न या सामान्य बातचीत शुरू कर सकती हैं। जैसे-जब आप उनके बेसलाइन बिहेवियर पर ध्यान दे रही हों, तो ध्यान दें कि उनकी आंखों की मूवमेंट क्या है, वे आपकी ओर देखकर बात कर रहे हैं, या आपसे नजरें नहीं मिला रहे हैं, इधर-उधर देखकर बात कर रहे हैं। इसके साथ ही, उनकी आवाज़ सुनें, क्या वह शांत हो गए हैं। इन बातों से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि वे आम तौर पर कैसे व्यवहार करते हैं। ये सुझाव आमतौर पर किसी भी स्थिति में लोगों की भावनाओं को पढऩे में मदद करने के लिए एक साथ उपयोग किया जाता है।

उनके व्यवहार के बदलाव पर ध्यान दें

किसी की बेसलाइन के बारे में जानने के बाद, यह बताना आसान हो जाता है कि उनके आचरण और व्यवहार कब बदलते हैं। आपसी संवाद बनाए रखना जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक आपसी संवाद बनाए रखना जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक
विशेषज्ञों के अनुसार यह विश्वास करना कि झूठे लोग, प्रत्यक्ष रूप से नेत्र संपर्क नहीं बनाते हैं, गलत हैं। ज्यादातर झूठे लोग इसके विपरीत करेंगे। अगर कोई व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है, तो वह जानते हैं कि वह आपसे झूठ बोल रहा है, इसलिए वह आंखों से संपर्क तोड़ देगा। अगर उन्होंने आपकी आंखों से संपर्क नहीं बनाया, तो यह एक तरीका है जिसका इस्तेमाल लोग धोखा देने के लिए करते हैं।

फैडिंग फैक्ट्स पर ध्यान दें

जब कोई झूठ बोल रहा होता है, तो वे अक्सर एक वाक्य के अंत में शांत हो जाता है। तो आपकी तलाश लगभग खत्म हो चुकी है। इसे फैडिंग फैक्ट कहा जाता है। अपने प्रश्न का उत्तर जानने के बाद जब आप इस व्यवहार का अनुभव करती हैं, तो कुछ भी न कहें।बस चुपचाप प्रतीक्षा करें और व्यक्ति को देखें। ज्यादातर झूठ बोलने वाले व्यक्ति अपनी सफाई देना शुरू कर देंगे, और इसे अधिक विश्वसनीय बनाने की कोशिश करेंगे। अगर वे इस कहानी को जारी नहीं रखते हैं, तो वे झूठ नहीं बोल रहे हैं।

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हालांकि, हम में से हर व्यक्ति दिन भर में पचास से ज्यादा बार झूठ बोलता है। इसलिए किसी के भी छोटे से झूठ पर बड़ा बवाल करने से बेहतर है कि कुछ चीजों को इग्नोर करें और कुछ मसलों को प्यार से सुलझाएं।

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