जल प्रबंधन में राजस्थान की पहचान मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-देवासी

एमजेएसए के चतुर्थ चरण का सिरोही जिले के ग्राम मंडवाडा से शुभांरभ

जयपुर, 3 अक्टूबर (का.सं.)। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान ( एमजेएसए) के चतुर्थ चरण के जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभांरभ पंचायत समिति सिरोही की ग्राम पंचायत उड के ग्राम मंडवाडा में कर्णेश्वर महादेव नाडी ” भावगीरी नाडी की खुदाई कार्य गोपालन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के मुख्य अतिथ्यि में किया गया। इस समारोह को सम्बोधित करते हुए गोपालन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि जल प्रबंधन में राजस्थान की पहचान मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की पहल पर शुरू किया गया, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान पिछले 3 चरणों की सफलता के बाद अपने चौथे चरण तक आ पहुंचा है। इस अभियान में बारिश का पानी इक करने के लिए प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा गांवों व समस्त 191 शहरों में लगभग 4 लाख ढांचे बनाए गए है। पुराने ढाचों की भी मरम्मत की गई है और 1.5 करोड वृक्षारोपण किया गया। अभियान से जुडे गांवों में अब पीने के लिए , खेती के लिए और पशुओं के लिए पानी उपलब्ध होने लगा है साथ ही इस अभियान के शुरू होने से प्रदेश में जो जल स्तर नीचे जा रहा था, वह अब बढा है। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान चतुर्थ चरण के शुभांरभ में जन प्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं ग्रामीणों की सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री इस महत्वपूर्ण अभियान के चतुर्थ चरण को भी हमें तन, मन, धन से सहयोग कर सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में नीति आयोग के आंकलन के अनुसार जल प्रबंधन सुधारों में राजस्थान प्रथम रहा है। उन्होंने कहा कि चतुर्थ चरण में कराए जाने वाले कार्यो में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हो सके इसके लिए सभी तकनीकी कार्य पूरे किए गए है। उन्होंने सतर्क रहने साथ ही इस पूनित कार्य में सहयोग करने का आव्हान किया। जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव व उपवन संरक्षक संग्रामसिंह कटियार ने कहा कि जल है तो जीवन है, जल की महत्ता को समझे और इसके संरक्षण के लिए किए जा रहें कार्यो में अपना योगदान देकर चतुर्थ चरण को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाए। जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया ने कहा मुख्यमंत्री के इस अभिवन अभियान की शुरूआत बहुत सार्थक सिद्ध हुई है। इस अभियान के तीन चरणों में जो कार्य जल संरक्षण हितार्थ किए गए है। उनका लाभ अब आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पानी की समस्या है और इन कार्यो के पूर्ण होने से जल स्तर बढा है साथ ही पानी की समस्याओं से भी काफी हद तक हमें निजाद मिली है। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि पानी का सदुरूपयोग करें साथ ही जागरूक रहकर जल की महत्ता को समझें , जिससे कि आने वाली पीढियों को लाभ मिल सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशुभम चौधरी ने मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की महत्ता को बताते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुराने जलस्त्रोतों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ नये स्त्रोतों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में योगदान दें और जल की महत्ता को समझें। अतिरिक्त जिला कलक्टर आशाराम डूडी ने कहा कि जल का प्रंबंधन सही हों इसके लिए इस अभियान का आगाज किया गया है साथ ही उन्होंने पूर्ण हुए तीन चरणों का भी ब्यूरो देते हुए जल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। एमजेएसए के अधीक्षण अभियन्ता नरेन्द्र सिंह द्वारा पूर्ण हुए तीन चरणों जानकारी देते हुए बताया कि तीन चरणों में 134 गांवों का चयन किया गया था जिसमें 139 करोड राशि के 7177 कार्य करवाए है। इस चतुर्थ चरण में 50 गांवों में कार्यो को करवाया जाकर जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे।

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