देश की अखंडता एवं एकता को बनाये रखने के लिए खालसा पंत के आदर्शों को अपनाये-जसबीर सिंह

 

जयपुर, 13 अप्रैल (का.सं.)। राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह ने कहा कि देश की अखंडता एवं एकता को बनाये रखने के लिए खालसा पंत के आदर्शों को अपनाये। सिंह कि अध्यक्षता में सचिवालय में शुक्रवार को आयोग के एक संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत वैसाखी का 21वीं सदी के भारत निर्माण के महत्व विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि एक संवाद नवाचार के रूप में 2 वर्ष पूर्व शुरू किया गया था, जिसके अतंर्गत हर धर्म के त्यौहार सभी समुदायों द्वारा मिलजुल कर मनाया जाता है। उन्होंने कहा हमारे प्रदेश एवं देश का इतिहास विविधताओं में एकता का रहा है। इन त्यौहारों के माध्यम से हम सब एक कड़ी से जुड़े रहते है। उन्होंने सभी को वैसाखी की बधाई दी एवं मुख्यमंत्री मती वसुन्धरा राजे द्वारा भिजवाया गया वैसाखी का शुभकामना सन्देश भी पढ़ा।
इस अवसर पर राजस्थान धरोहर विकास एवं प्रौन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष औकांर सिंह लखावत ने गुरू गोविन्द सिंह जी के जीवनदर्शन के बारे में बताते हुए कहा कि वैसाखी के अवसर पर ही खालसा पंत कि स्थापना इुई थी, उस समय भारतीय समाज में जाति धर्म छूत-अछूत का भेदभाव चरम पर था। उन्होंने उस समय विदेशी ताकतों से हिंदुत्व एवं देश की रक्षा के लिए गुरू तेज बहादुर जी के बलिदान का प्रंसग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश के विकास एवं इतिहास में खालसा पंत का मुख्य योगदान है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में 13 स्थानों पर पनोरमा बनाये गये है एवं अभी 40 पनोरमा निर्माणाधीन है, जो आने वाले पीढ़ी को अमूल्य इतिहास की जानकारी देंगे। इस अवसर पर आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह जी ने आयोग कि तरफ से विधायक अशोक परनामी, राजस्थान धरोहर विकास एवं प्रौन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओकांर सिंह लखावत, भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय के उप कुलपति, बिग्रेडियर सुरजीत सिंह पाबला एवं पूर्व अध्यक्ष हाउसिंग बोर्ड अजयपाल सिंह को समाज में विशेष योग्यदान के लिए सेवारत्न प्रदान किया। गुरू नानक देव, उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर की छात्राओं ने कार्यक्रम में शबद कीर्तन की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य गुलाम जिलानी गुडडू, मती लिलियन ग्रेस, आयोग की सचिव मती कश्मी कौर रॉन एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

 

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