जेट एयरवेज के उड़ रहे हैं सिर्फ 20 विमान, किराया नहीं चुका पाने के कारण करने पड़े खड़े

 

नई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के विमानों के परिचालन से बाहर होने का सिलसिला जारी है। कंपनी ने बताया कि विमान पट्टे का किराया नहीं चुका पाने के चलते उसे 15 और विमान खड़े करने पड़े हैं। इस तरह उसके कुल 69 विमान अब तक परिचालन से बाहर हो चुके हैं। अब कंपनी के बेड़े के सिर्फ 20 विमान ही परिचालन में हैं। विमानन कंपनी ने किराया चुकाने में चूक करने के चलते मार्च अंत तक कुल 54 विमानों को परिचालन से हटा दिया था। जेट एयरवेज ने कहा कि विमानों को पट्टे पर देने वाली कंपनियों का बकाया नहीं चुका पाने के चलते 15 और विमानों को खड़ा कर दिया गया है। पिछले सप्ताह कंपनी ने बताया था कि उसके 35 विमान परिचालन में हैं। जेट के निदेशक मंडल ने 25 मार्च को बैंकों की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत ऋणदाता कंपनी का नियंत्रण अपने हाथों में लेने और उसमें 1,500 करोड़ रुपये की पूंजी डालने का फैसला किया था, लेकिन उसे 9500 करोड़ रुपये की दरकार है। संकट में फंसी एयरलाइन जेट एयरवेज के घरेलू पायलटों के यूनियन नेशनल एवियटर्स गिल्ड (एनएजी) ने समय पर वेतन के साथ बकाया वेतन पर ब्याज देने की मंगलवार को मांग की। संगठन ने कहा कि पायलटों के विमान उड़ाने के लिहाज से मौजूदा स्थिति आदर्श नहीं है। नागर विमानन के महानिदेशक बीएस भुल्लर और जेट के सीईओ विनय दुबे को पत्र लिखकर गिल्ड ने कहा है कि उन्हें अपने ईएमआई और अन्य जरूरतें पूरे करने में दिक्कत आ रही है।

 

 

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