जल उपयोक्ता समिति के अध्यक्ष के टर्मिनेशन पर रोक

 

श्रीगंगानगर, 28 सितम्बर (का.सं.)। जोधपुर गजसिंहपुर राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा संगराना माईनर के जल उपयोक्ता समिति के अध्यक्ष हरचन्द सिंह चोटिया के निलंबन पर रोक लगा दी है। जल उपयोक्ता अध्यक्ष पर आरोप था कि अध्यक्ष द्वारा अनकमांड भूमि मे अपने निजी लोगों की पानी कि बारी बांधी गई है। इस पर जांच के बाद सिंचाई विभाग के मुख्य आदेश पर अधीक्षण अभियंता श्रीगंगानगर द्वारा 4 सितम्बर 2018 को आदेश जारी कर अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश किया गया। जिस पर जल उपयोक्ता समिति के अध्यक्ष हरचन्द सिंह चोटिया द्वारा अपने अधिवक्ता सीताराम गोदारा द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर मे बर्खास्त के आदेश के खि़लाफ़ रिट याचिका दायर कर चुनौती दी गई। अधिवक्ता गोदारा द्वारा न्यायालय को बताया गया कि प्राथी पर सीसीए रिकॉर्ड के अनुसार बारी नहीं बांधने का आरोप कुछ काश्तकारों द्वारा लगाया गया है, जिस पर अध्यक्ष द्वारा सिंचाई अधिकारियों को को बार बार किला वाईज सीसीए देने की प्रार्थना परन्तु विभाग सीसीए रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया गया। बाद में सिविल न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश आ जाने पर याचिकाकर्ता द्वारा पहले से चल रही पंचायती बारी में बदलाव नहीं किया जा सका। वकील द्वारा दलील दी गई की कृषकों की सहभागिता अधिनियम 2000 एवं नियम 2002 मे अध्यक्ष को सस्पेण्ड व टर्मिनेट करने का प्रावधान नहीं है। सिंचाई अधिकारियों द्वारा अपने अधिकारों से बाहर जाकर टर्मिनेशन का आदेश किया है।इस पर उ’च न्यायालय के जस्टिस संदीप मेहता द्वारा अधिवक्ता गोदारा की दलीलों को स्वीकार कर याचिका विचार्थ स्वीकार कर सिंचाई विभाग द्वारा पारित बर्खास्त के आदेश पर रोक लगा दी गई। साथ ही सिंचाई विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

 

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