मैं और बिपाशा खुद को प्यार का ऐंबैसडर मानते हैं करण ग्रोवर

मॉर्डन अवतार निभाते हुए नजर आने वाले हैं। करण मानते हैं कि बिपाशा से शादी के बाद उनकी जिंदगी में 360 डिग्री का बदलाव आया है। करण से उनके फिल्मी करियर और निजी जिंदगी पर हुई बातचीत के अंश
सोशल साइट्स पर आपकी और बिपाशा के पोस्ट्स व तस्वीरें देखकर कई कपल प्रेरित होते हैं। शादी के बाद आपकी जिंदगी में कितना बदलाव आया है?
मेरी जिंदगी बहुत बदली है। मैं तो इसे अपना नया जीवन कहूंगा। सच्चे प्यार के क्या मायने होते हैं, यह अब जाकर पता चला। आपकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आता है जब आप चीजों से हार जाते हैं। सच्चे प्यार जैसी कोई चीज होती है, इस पर से भी आपका यकीन उठ जाता है, लेकिन फिर आपकी जिंदगी में कुछ ऐसा होता है, कि जब आपके सच्चे प्यार की तलाश खत्म होती है फिर ऐसा लगने लगता है कि चाहे कुछ भी हो, आप हार नहीं मानने वाले हैं। यह कहने में बहुत ही बेवकूफी भरा हो सकता है, लेकिन जिंदगी खूबसूरत लगने लगती है। रही बात सोशल साइट्स की, तो बिपाशा चाहती हैं कि हम अपने प्यार को एंडोर्स करें और लोगों को बताएं कि एक ओर जहां लोग छोटी-छोटी बातों पर हार मान लेते हैं, उन्हें हमें देखकर कुछ सीखना चाहिए। हम खुद को प्यार का ब्रैंड ऐंबैसडर मानते हैं।
टेलिविजन में आप जितने सक्सेस थे उतनी सफलता फिल्मों में नहीं मिल पाई है। ऐसे में फिल्में रिजेक्ट करना आसान होता है?
नहीं, यह बेहद ही मुश्किल भरा टास्क है, लेकिन रिजेक्ट करने के लिए भी आपके पास एक मजबूत कारण होना चाहिए। आपके जो विचार व मत हैं, उससे हटकर आप दूसरे के विचार पर काम करें, तो आपका विचार कहीं न कहीं डगमगाने लगता है। ऐसे में बेहतर है कि आप अपना फोकस अपने किसी दूसरे क्रिएटिव काम पर लगाएं।
इन दिनों शादी का माहौल चल रहा है। सोनम कपूर और अब नेहा धूपिया ने भी शादी कर ली। शादी जैसी रस्मों पर आपका कितना यकीन है?
मैं यह सोचता हूं कि जो शादी है, हम उसकी गहराई को अभी तक समझ नहीं पाए हैं। यह इसलिए बनाया गया था ताकि हम अपने लाइफ पार्टनर के साथ सारी जिंदगी प्यार से बिता पाएं। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आपकी शादी जिस इंसान से हो गई है, आपके बीच प्यार नहीं है, तो पूरी जिंदगी उसका बोझ लेकर चलते रहें। यह एक ब्रिज बनाने की तरह है। दो इंसान मिलकर पूरी जिंदगी उसे बनाने में लगा देते हैं, लेकिन अगर वह दोनों खुश नहीं हैं, तो ऐसे रिश्ते का क्या फायदा? देखिए शादी का तो यही मतलब है न कि दो इंसान आपस में प्यार से रहें। अगर प्यार ही नहीं रहा, तो ऐसे झूठे रिश्ते का क्या फायदा। ऐसे रिश्ते आपकी जिंदगी में जहर की तरह होते हैं, जो न केवल आप दोनों को, बल्कि आने वाली जनरेशन के लिए भी हानिकारक होते हैं।
फिल्म 3देव में आपके साथ दो और ऐक्टर हैं। अक्सर देखा गया है कि दो ऐक्टर्स साथ में काम करने से हिचकिचाते हैं। आपको हिचक नहीं हुई?
वे बेवकूफ हैं जो एक-दूसरे के साथ काम नहीं करना चाहते हैं। मुझे यह समझ नहीं आता कि आखिर उनके दिमाग में क्या चल रहा होता है। पहली बात तो उन्हें यह समझनी चाहिए कि वे किसी और से नहीं, बल्कि खुद से कंपीट कर रहे होते हैं। यहां हर कोई खुद से ही कंपीट कर रहा है। अगर स्क्रीन पर बहुत से ऐक्टर्स एक साथ आ रहे हैं, तो यह तो फायदे की ही बात है न। रही बात मेरी, मेरे जेहन में ऐसा कुछ था ही नहीं। उल्टा मुझे तो इस बात की खुशी है कि फिल्म का भार किसी पर नहीं होगा। कहानी जो भी बनती है, वह एक टीम की वजह से बनती है, किसी एक इंसान पर तो कहानी नहीं बनाई जा सकती। टीम बहुत सही है, मेरे सारे को-स्टार्स बहुत सपॉर्टिव हैं। मैं खुश हूं कि ऐसे प्रॉजेक्ट का हिस्सा बनने को मिला है।
बिपाशा और करण के लिए क्या है प्यार’का मतलब?
फिल्म के पोस्टर को लेकर सोशल साइट्स पर बवाल हो रहे हैं। भगवान पर फिल्म बनाना कई लोगों की भावनाओं को आहत करता है। फिल्म साइन करने से पहले ये सब सोचा आपने?
देखिए यह फिल्म किसी की भी भावना को आहत करने के लिए नहीं बनाई गई है। यह धर्म से ज्यादा स्पीरिचुअलिटी की बात करता है। मैं निजी जिंदगी में भी धार्मिक से ज्यादा स्पीरिचुअल हूं। रही बात आहत होने की, तो हम किस चीज को लेकर सेंसिटिव हो रहे हैं, उस धर्म को लेकर जिसे भगवान ने बनाया ही नहीं। हम अपनी ही बनाई हुई चीज को लेकर सेंसिटिव हो रहे हैं, जो कमाल की बात है। रही बात फिल्म की, तो पहले वे लोग फिल्म देख लें, पहले से ही हंगामा करना सही नहीं है। इसलिए मैं कोई भी पॉजिटिव चीज करने से पहले अपने जेहन में कोई भी नेगेटिव सोच लाता ही नहीं।
आप रोज घर पर पूजा करते हैं?
हां, मैं हर दिन घर पर पूजा करता हूं। हमारे घर पर बहुत से भगवान हैं। मेरा पूजा करने का मकसद कुछ और है। मेरी सास से मैंने यह सीखा है। उन्होंने मुझे अगरबत्ती, शंख और घंटी के सही मायने बताए हैं। मुझे इनका साइंटिफिक कारण जानकर बेहद ही हैरानी हुई। अब तो मैं बिपाशा से ज्यादा पूजा करता हूं।
फैन्स आपको परदे पर काफी मिस करते हैं। आपने कैमरे को कितना मिस किया?
मैं तो हर रोज मोबाइल कैमरे के सामने रहता हूं (हंस देते हैं)। बिपाशा हर जगह मेरी तस्वीरें खींचती रहती हैं और सोशल प्लैटफॉर्म पर शेयर करती रहती हैं। वैसे ऑफर्स तो बहुत आते हैं, लेकिन उन्हें देखने के बाद यही लगता है कि उन फिल्मों का न तो मेरी जिंदगी में कोई प्रभाव पडऩे वाला है और न ही दर्शकों पर कोई खास असर करेगी। ऐसे में उन चीजों को रिजेक्ट करना ही बेहतर है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *