फोग्सी और नाईन मुवमेन्ट ने लॉन्च किया अखिल भारतीय अभियान

उदयपुर। फोग्सी और नाईन मुवमेन्ट ने देश भर में मासिक धर्म से जुड़ी गलत अवधारणाओं को दूर करने के लिए उदयपुर में फोग्सी वेस्ट ज़ोन युवा कॉन्फ्रेन्स 2018 के दौरान एक अखिल भारतीय साझेदारी का ऐलान किया है। इस साझेदरी के तहत नाईन मुवमेन्ट देश भर में फोग्सी की 235 सोसाइटियों के साथ मिलकर काम करेगा, जिन्हें चार ज़ोनों में बांटा गया है। फोग्सी नाईन मुवमेन्ट की चेन ऑफ नाईन पहल को अपना समर्थन प्रदान करता है, जिसके तहत हर व्यक्ति को ‘9 अन्य लोगों से बातचीत कर मासिक धर्म के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। फोग्सी पब्लिक कमेटी के तत्वावधान में इस अखिल भारतीय अभियान का नेतृत्व चेयरपर्सन डॉ अचर्ना वर्मा करेंगी। देश की बहुत सारी लड़कियों की कहानियों से प्रेरित होकर अमर तुलसीयान ने नाईन मुवमेन्ट का लॉन्च किया। अमर तुलसीयान, संस्थापक, नाईन मुवमेन्ट ने कहा, ”हमें गर्व है कि हमें फोग्सी केे साथ काम करने का मौका मिला है। यह अखिल भारतीय अभियान हज़ारों नागरिकों को मासिक धर्म से जुड़े मुद्दों पर जागरुक बनाएगा। हमारे अनुभव के अनुसार आम जनता किसी भी मुद्दे को गंभीरता से लेती है अगर डॉक्टर और पेशेवर इसके बारे में जानकारी दें। नाईन मुवमेन्ट मासिक धर्म के बारे में जागरुकता फैलाना चाहता है और हम फोग्सी जैसे भरोसेमंद संगठनों के सहयोग से इस उपलब्धि को हासिल करना चाहते हैं। हमें उम्मीद है कि फोग्सी के साथ मिलकर हम देश के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इस तरह की कई और परियोजनाओं को अंजाम देंगे। वेस्ट ज़ोन फोग्सी युवा कॉन्फ्रेन्स 2018 के दौरान अखिल भारतीय अभियान के लॉन्च पर बात करते हुए रिचा सिंह, सीईओ, शुद्धप्लस हाइजीन प्रोडक्ट्स ने कहा, ”अगले महीने हम आज़ादी की 71 वीं सालगिरह मना रहे हैं।लेकिन आज भी देश में 71 फीसदी महिलाओं को अपने पहले पीरियड से पहले मासिक धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। चौंकाने वाले ये आंकड़े हम सभी के लिए आहृान हैं। हमें खुशी है कि हमें ऐसा बदलाव लाने के लिए फोग्सी के साथ साझेदारी का मौका मिला है, जहां ‘पीरियड्स को रहस्य की तरह नहीं माना जाएगा, इस पर चुपके से नहीं बल्कि खुलकर बात की जाएगी। नाईन मुवमेन्ट और फोग्सी मिलकर उस अंतराल को दूर करना चाहते हैं जहां 18 फीसदी महिलाएं एवं लड़कियां ही माहवारी के दौरान सेनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 82 फीसदी महिलाएं आज भी अनहाइजीनिक एवं असुरक्षित तरीके अपनाती हैं। हम महिलाओं और पुरुषों से आग्रह करते हैं कि एक जि़म्मेदार नागरिक की तरह इस विषय पर खुलकर बातचीत करना शुरू करें।नाईन मुवमेन्ट एक महत्वाकांक्षी पांच वर्षीय योजना है, मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के बारे में जागरुकता फैलाना तथा सभी लिंगों एवं आयु वर्गों के लोगों को इससे जुड़ी गलत अवधारणाओं के बारे में शिक्षित करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। नाईन मुवमेन्ट भारत में मौजूद उस अंतराल को दूर करना चाहता है जहां देश की सिर्फ 18 फीसदी महिलाएं एवं लड़कियां ही माहवारी के दौरान सेनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 82 फीसदी महिलाएं आज भी अनहाइजीनिक एवं असुरक्षित विकल्प जैसे पुराना कपड़ा, घास और यहां तक कि राख को अपनाती हैं। ये तरीके महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और माहवारी से जुड़ी गलत अवधारणाओं का ही परिणाम हैं। जानकारी की कमी, गरीबी और इस विषय पर खुलकर चर्चा न होना स्थिति को और भी बदतर बनाते हैं। ऐसे में नाईन मुवमेन्ट और फोग्सी केे बीच यह साझेदारी माहवारी के बारे में सकारात्मक मानसिकता पैदा करने और इससे जुड़ी गलत अवधारणाओं को दूर करने में योगदान देगी।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *