खेल प्रतिभा की खोज करने और उन्हें निखारने के लिए खेल मंत्रालय लांच करेगा पोर्टल

 

नई दिल्ली, 27 अगस्त (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने 35 वें मन की बात कार्यक्रम में बताया कि खेल मंत्रालय ने खेल प्रतिभाओं की खोज करने और उन्हें निखारने के लिए एक खेल प्रतिभा खोज पोर्टल तैयार किया है और सोमवार को इस पोर्टल को पेश किया जायेगा। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री ने कहा, ” खेल मंत्रालय ने खेल प्रतिभा की खोज और उन्हें निखारने के लिए एक खेल प्रतिभा खोज पोर्टल तैयार किया है, जहाँ पूरे देश से कोई भी बच्चा जिसने खेल के क्षेत्र में कुछ उपलब्धि हासिल की है, उनमें प्रतिभा हो – वो इस पोर्टल पर अपना बायोडाटा या वीडियो अपलोड कर सकता है । चुने गए उभरते हुए खिलाडिय़ों को खेल मंत्रालय प्रशिक्षण देगा।  उन्होंने बताया कि मंत्रालय कल ही इस पोर्टल को पेश करने वाला है । मोदी ने कहा कि हमारे नौजवानों के लिए तो खुशी की खबर है कि भारत में 6 से 28 अक्टूबर तक फीफा अंडर 17 वल्र्ड कप का आयोजन होने जा रहा है। दुनिया भर से 24 टीमें भारत को अपना घर बनाने जा रही हैं । उन्होंने कहा कि आइये, विश्व से आने वाले हमारे नौजवान मेहमानों का, खेल के उत्सव के साथ स्वागत करें, खेल का आनंद उठाये, देश में एक माहौल बनाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 29 अगस्त को पूरा देश राष्ट्रीय खेल-दिवस के रूप में मनाता है। ये महान हाकी खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी का जन्मदिवस है । हॉकी के लिए उनका योगदान अतुलनीय था । मैं इस बात का स्मरण इसलिए करा रहा हूँ कि मैं चाहता हूँ कि हमारे देश की नई पीढ़ी, खेल से जुड़े । खेल हमारे जीवन का हिस्सा बने । अगर हम दुनिया के युवा देश हैं तो हमारी ये तरुणाई खेल के मैदान में भी नजऱ आनी चाहिए । मैदान में खेलने के लिए पीएम मोदी ने किया युवाओं का आह्वान : जीवन में खेलकूद के महत्व को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि खेल यानि शारीरिक तंदरूस्ती, मानसिक फुर्ती, व्यक्तित्व विकास मैं समझता हूँ कि इससे ज्यादा क्या चाहिए ? खेल एक प्रकार से दिलों के मेल की एक बहुत बड़ी जड़ी-बूटी है । हमारी देश की युवा पीढ़ी खेल जगत में आगे आए और आज कम्प्यूटर के युग में तो मैं आगाह भी करना चाहूँगा कि खेल के मैदान, खेल के क्षेत्र से ज्यादा महत्वपूर्ण है । उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि कम्प्यूटर पर फीफा खेलिये लेकिन बाहर मैदान में भी तो कभी फुटबाल के साथ करतब करके दिखाइये । कम्प्यूटर पर क्रिकेट खेलते होंगे लेकिन खुले मैदान में आसमान के नीचे क्रिकेट खेलने का आनंद कुछ और होता है । मां को बच्चों से बाहर जान के लिए कहना पड़ता है : पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब परिवार के बच्चे बाहर जाते थे तो माँ पहले पूछती थी कि तुम कब वापिस आओगे । आज हालत ये हो गई है कि बच्चे घर में आते ही एक कोने में या तो कार्टून फिल्म देखने में लग जाते हैं या तो मोबाइल फोन पर चिपक जाते हैं और तब माँ को चिल्ला करके कहना पड़ता है – तू कब बाहर जाएगा। वक़्त-वक़्त की बात है, वो भी एक ज़माना था जब माँ बेटे को कहती थी कि तुम कब आओगे और आज ये हाल है कि माँ को कहना पड़ता है बेटा तुम बाहर कब जाओगे ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *