सर्दी से निपटने में दवाओं से बेहतर है नींबू-शहद, ये रहे 3 कारण

जैसे ही सर्दियों का सीजन आता है वैसे ही जुकाम बुखार का भी सीजन शुरू हो जाता है, और लोग डॉक्टर के पास भागने लगते हैं जिससे कि उन्हें जल्दी इलाज मिल सके। लेकिन यह किसी खतरे से कम नहीं है, क्योंकि इन दवाइयों का फायदे से ज्यादा साइड इफेक्ट होने का रिस्क भी रहता है।
ओवर द काउंटर (ओटीसी) कफ और जुकाम की दवाइयों में कुछ ऐसी सामग्री मौजूद रहती है जिससे कि आप पहले ही अपने बच्चों को दे रहे होते हैं। इसमें से प्रमुख है पैरासिटामॉल जो कि लोग बुखार या जुकाम के लिए पहले से ले रहे होते हैं ऐसे में पैरासिटामॉल के ओवरडोज का रिस्क रहता है।
इसी बीच सर्दी जुकाम में इस्तेमाल होने वाली कुछ घरेलू दवाइयों के बारे में कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जिससे पता चलता है कि ये दवाइयों आजकल मेडिकल स्टोर में मिलने वाली दवाइयों से कहीं ज्यादा बेहतर हैं।
सर्दी-जुकाम और दवाइयों पर एक लेख लिखने वाले डॉक्टर ओली बेविंगटन का कहना है कि माता-पिता सर्दी जुकाम में पारंपरिक तरीके जैसे शहद और नीबू, आराम और कई तरह के रस का प्रयोग करते हैं।
द हिप्पोक्रेटिक पोस्ट के लिए डॉक्टर ओली बेविंगटन (बच्चों के अस्पताल के एक डॉक्टर) ने सीजन में सांस संबंधित बीमारियों के बारे मे विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने लिखा है कि जुकाम में नीबू और शहद का इस्तेमाल पुराना फैशन जरूर है लेकिन लोगों को इसे अपनाना चाहिए क्योंकि इसका दूरगामी प्रभाव अच्छा है।

जुकाम में क्यों फायदेमंद है शहद और नीबू?

1- अपने लेख में डॉक्टर बेविंगटन ने बताया है कि शहद और नीबू आमाशय में बनने वाले अम्ल को नियंत्रित करता है और भोजन को तोड़कर पचने लायक बनाता है।
2- इसका इस्तेमाल करने से शरीर में जल का संतुलन बना रहता है और जरूरत के हिसाब से शरीर को पानी प्राप्त होता है।
3- लेमन जूस विटामिन सी से भरपूर होता है जो कि सर्दी से उबरने में मदद करता है।

 

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