महाराष्ट्र की राह पर यूपी, बीते 24 घंटे में 20,512 केस मिले

डराने लगें है कोरोना की दूसरी लहर के आकड़े, देश में नए मरीजों की संख्या 1 लाख 85 हजार 104 पहुंची
योगी आदित्यनाथ भी हुए कोरोना संक्रमित

 

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदेश में बुधवार को कोरोना के नए मरीजों के सभी रिकॉर्ड टूट गए। यहां पहली बार 24 घंटे में 20 हजार से ज्यादा नए केस मिले हैं। यह संख्या 20,512 है। यूपी में 7 अप्रैल को 6002 केस मिले थे। 8 मार्च को यह संख्या महज 101 थी। इसके बाद अचानक कोरोना का विस्फोट हुआ। अभी महाराष्ट्र इकलौता राज्य था, जहां 20 हजार से ज्यादा मरीज रोज निकल रहे हैं।  एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (हेल्थ) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बुधवार को 4,517 मरीज रिकवर हुए हैं। इस दौरान 67 मौतें भी हुई हैं। प्रदेश में अब कुल केस साढ़े 7 लाख के पास पहुंच गए हैं। 9,376 लोग संक्रमण से जान गंवा चुके हैं। राज्य में 1.11 लाख एक्टिव केस हैं। यहां 83 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यूपी के अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर का संकट सामने आने लगा है। पूरे राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुजरात के अहमदाबाद से रेमडेसिविर इंजेक्शन के 25 हजार डोज मंगवाने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इंजेक्शन की सप्लाई कराने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संक्रमित पाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के कई अफसर और कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंगलवार को उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया था। 5 अप्रैल को ही उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली थी। योगी पश्चिम बंगाल चुनाव में लगातार चुनावी सभाएं कर रहे थे। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी संक्रमित हो गए हैं। दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने फिर से होटल्स और हॉल में कोविड केयर सेंटर बनाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र चौहान ने कहा कि फिलहाल बेड और वेंटिलेटर की कोई कमी नहीं है, लेकिन ब?ते मामलों को देखते हुए पहले से तैयारी की जा रही है। देश में मंगलवार को 1 लाख 85 हजार 104 नए मरीज मिले। 82,231 ठीक हुए और 1,026 की मौत हो गई। इस तरह एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 1 लाख 1 हजार 835 की बढ़ोतरी हुई। नए मरीजों का आंकड़ा तो हर दिन नई ऊंचाई पर पहुंच ही रहा है, लेकिन पहली बार एक्टिव केस में भी एक लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मौत का आंकड़ा भी इस साल पहली बार 1,000 के पार गया है। पिछले साल महामारी की पहली लहर में सबसे ज्यादा 1,281 मौतें 15 सितंबर को हुई थीं।

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