मेल ऐक्टर्स को अपनी फीस कम करनी होगी- दीपिका पादुकोण

पद्मावत से तारीफें पा रहीं ऐक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का कहना है कि अगर हम चाहते हैं कि इंडस्ट्री सफल हो तो मेल ऐक्टर्स को अपनी फीस कम करनी होगी। लगातार 7 फिल्मों में 100 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करके और पिछली तीन फिल्मों में 500 करोड़ कमा कर आप नंबर वन हि

रोइन का खिताब पा चुकी हैं। कैसा लगता है?

मैं बहुत गर्व महसूस करती हूं, जब लोग मेरी परफॉर्मेंस के बारे में बात करते हैं या फिर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की चर्चा करते हैं। आज भी जब लोग मुझे पीकू बुलाते हैं या नैना तलवार के नाम से पुकारते हैं तो अच्छा लगता है। इसका मतलब यह है कि मैं अपने किरदारों के जरिए लोगों को उस तरह से प्रभावित कर पाई। मगर साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगी कि जो कुछ भी मैंने हासिल किया है, मेहनत से किया है। मेरी सबसे बड़ी कुर्बानी यही है कि मैं अपने परिवार से दूर जाकर एक नए शहर में नए सफर की शुरुआत के लिए खुद को तैयार कर पाई। जब मैंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, तो उस वक्त लोगों का कहना था कि यह तो मॉडल है। क्या यह अभिनय कर पाएगी? खुद को साबित कर सकेगी? और आज दस साल बाद वही लोग जब मेरे अभिनय की मिसाल देते हैं, तो निसंदेह प्राउड फील होता है।
आज अभिनेत्री के रूप में बॉक्स ऑफिस पर खुद को सिद्ध करने के बाद क्या आप बॉक्स ऑफिस पर अपने मेहनताने की मांग सीना ठोंककर कर सकती हैं।

आप हिरोइनों की फीस बढ़ाने को लेकर किसी तरह की पहल करेंगी?

मैं नहीं जानती कि दूसरी हिरोइनों को कितनी फीस मिलती है, मगर मुझे जो मिल रहा है उससे मैं बहुत खुश हूं और समझती हूं कि मैं उसके योग्य हूं। निर्माता मुझे मेरी फीस खुशी-खुशी देने को राजी हैं। यहां एक बात कहना चाहूंगी कि जब कोई ऐक्टर अपने काम के लिए बहुत मोटी फीस लेता है, तो वह फिल्म पर भार डाल रहा होता है। हाईएस्ट पेड सुनने में अच्छा लगता है, मगर कई बार यह फिल्म पर भार होता है। मैं यही कहूंगी कि मेल ऐक्टर्स को अपनी फीस कम करनी होगी। अगर हम चाहते हैं कि इंडस्ट्री सफल हो, तो मेल ऐक्टर्स को अपनी फीस कम करनी होगी। बहुत बार ऐसा होता है कि ऐक्टर्स इतना ज्यादा पैसा मांगते हैं कि निर्देशक फिल्म नहीं बना पाता। बेशक मैं उन स्टार्स की बात नहीं कर रही हूं, जो खुद की फिल्म प्रडयूज करते हैं। उन्हें तो बिजऩस का तरीके पता है। मुझे इस बात की खुशी है कि पद्मावत बॉलिवुड की सबसे महंगी नायिका प्रधान फिल्म है, जो अब तक कभी बनी नहीं, इसलिए इसकी बॉक्स ऑफिस सफलता भी बहुत मायने रखती है। निर्माता देख सकते हैं कि एक हिरोइन को केंद्र में रखकर भी 180 करोड़ की फिल्म बनाई जा सकती है और वह उसे रिकवर करने की हिम्मत रखती है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं है। मुझे इस बात की खुशी है कि पद्मावत के बाद दूसरी हिरोइनों को लेकर भी महंगी और दमदार कंटेंट वाली फिल्मों का रास्ता खुल जाएगा।

 

 

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