एयरसेल के एंप्लॉयीज की सैलरी के लिए 95 करोड़ देगी मैक्सिस

मुंबई । दिवालिया कंपनी एयरसेल में पैरंट फर्म मैक्सिस कम्युनिकेशंस 95 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है। इससे एयरसेल के 5,000 से अधिक एंप्लॉयीज को सैलरी मिल पाएगी और कंपनी ऑपरेशनल कामकाज चला पाएगी। मामले से वाकिफ सूत्र ने बताया कि कंपनी फंड लाने के लिए मैनेजमेंट अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रफ़ेशनल और डेलॉयट के विजयकुमार वी अय्यर मलेशिया की मैक्सिस के साथ मिलकर काम कर रही है। मैक्सिस पर भारतीय मूल के बिजनसमैन आनंद कृष्णन का मालिकाना हक है।एयरसेल ने फरवरी के अंत में दिवालिया होने की अर्जी नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) में दी थी। उसने फरवरी के बाद से एंप्लॉयीज को सैलरी नहीं दी है। सिक्योरिटी पर्सनेल और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को भी बकाया रकम का भुगतान कंपनी ने नहीं किया है। एयरसेल पर 50 हजार करोड़ का कर्ज है। टेलीकॉम मार्केट में कड़े मुकाबले के बीच आमदनी और कैश फ्लो में गिरावट आने के चलते उसे कर्ज का भुगतान करने में दिक्कत हो रही है। कृष्णन पिछले 12 साल में एयरसेल में 7 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं। इंडस्ट्री में गलाकाट प्रतियोगिता और रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ मर्जर फेल होने के बाद उन्होंने एयरसेल की फंडिंग बंद कर दी थी। एयरसेल का रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ मर्जर कानूनी दिक्कतों के चलते नहीं हो पाया। ऐसा कहा जा रहा था कि मर्जर होने से दोनों कंपनियों का वजूद बच सकता है। जुलाई 2016 में एयरसेल का तिमाही आधार पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 120 करोड़ रुपये था जबकि सितंबर 2016 में रिलायंस जियो ने अपने कामकाज की शुरुआती की थी, जिससे इंडस्ट्री में गलाकाट प्रतियोगिता शुरू हुई। इस वजह से दिसंबर 2017 में एयरसेल का ऑपरेटिंग लॉस 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 95 करोड़ रुपये की रकम एयरसेल के लिए काफी कम है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे इतना तो संकेत मिलता है कि आनंद कृष्णन को एंप्लॉयीज की सैलरी की चिंता है। कंपनी का कामकाज शुरू करने के लिए एंप्लॉयीज को सैलरी का भुगतान करना जरूरी है। इकनॉमिक टाइम्स ने पहले खबर दी थी कि अय्यर ने एयरसेल के एंप्लॉयीज को भरोसा दिलाया था कि बकाया सैलरी चुकाने के लिए कंपनी बाहरी पार्टी से फंड के लिए बातचीत कर रही है। वहीं, एयरसेल की दिवालिया होने की अर्जी स्वीकार करते हुए एनसीएलटी ने कहा था कि उसके मुताबिक इस कंपनी को रिवाइव किया जा सकता है क्योंकि इसके पास स्पेक्ट्रम सहित 32,000 करोड़ रुपये से अधिक के स्पेक्ट्रम और दूसरी एसेट्स हैं और वह कमाई भी कर पा रही है।

 

 

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